भारतीय वैदिक ज्योतिष में चंद्र राशि का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है । वैदिक ज्योतिष में राशिफल को चंद्र राशि के आधार पर ही बनाया जाता है । क्योंकि चन्द्रमा ही भारतीय वैदिक ज्योतिष की नींव है । चन्द्रमा मन तथा मानसिक सोच को नियंत्रित करता है । भारतीय राशिफल, पाश्चात्य राशिफल से इसी कारण भिन्न होता है । पाश्चात्य राशिफल सूर्य राशि पर आधारित होता है और भारतीय राशिफल चन्द्र राशि पर आधारित होता है ।
2012 का राशिफल वैदिक एस्ट्रोलोजी के अनुसार चन्द्र राशि (Moon Sign) पर आधारित है।
मेष राशि—चू,चे,चो,ला,ली,लू,ले,लो,अ
मेष राशि की विशेषतायें - आपको जन्म से ही भाग्यशाली माना जाता है क्योंकि आपकी राशि में शुक्र ग्रह धन का नैसर्गिक स्वामी है, सूर्य, शिक्षा का स्वामी है, बृहस्पति भाग्य का स्वामी और शनि व्यवसाय और लाभ स्थान का स्वामी है।
आप शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे। लेकिन आपने जो हासिल किया है उससे आप थोड़े बेचैन और असंतुष्ट भी हो सकते हैं। आप अधिकतर बेहतरीन और साहसिक अवसरों की तलाश में रहेंगे।
आपकी राशि में अष्टम भाव का स्वामी भी मंगल है जिस कारण आप अत्यधिक क्रोधित स्वभाव के हो सकते हैं। यदि आप धुन के पक्के हैं तो आप किसी भी हद तक जा सकते हैं। यह आपका विशिष्ट गुण और आपकी सीमा भी है।
बुध आपकी राशि में स्थित होकर आपके व्यक्तित्व पर कम से कम प्रभाव डालता है। जिस कारण आप स्वभाव से स्पष्टवादी होंगे तथा धूर्तता से बचेंगे। आप साहसी रहेंगे और किसी भी प्रकार के कार्य करने को तैयार रहेंगे।
जनवरी—1 जनवरी से 20 फरवरी तक कार्य व्यापार में वृद्धि होगी। जिन लोगों का धन कही फंसा हुआ है। प्राप्त होने के योग बनते है। धार्मिक कार्यो पर धन का व्यय होगा तथा धार्मिक यात्राओं के योग बनेगें। परिवार में बड़ो को स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा नहीं हैं। जो लोग वात रोग से पीड़ित है उन्हें इन दिनों पूरी सावधानी रखनी होगी। छात्रों के लिए उचित समय है, अतः अवसरों का लाभ अठाने में कोई कोताही न बरतें। महिलायें अपने जीवन साथी के साथ व्यर्थ की बातों को लेकर तनाव न उत्पन्न करें। नौकरी वाले जातक अपने बास के प्रति विश्वास बनायें रखें अन्यथा आप उपेक्षा का शिकार हो सकते है। सन्तान के स्वास्थ्य में थोड़ा सा उतार-चढ़ाव वाली स्थिति उत्पन्न हो सकती है। अपने कार्यो के प्रति सकारात्मक रवैया रखें जिससे कि आप प्रशंसा के पात्र बन सकते है।
फरवरी—21 फरवरी से 15 मार्च के बीच यात्रा या चलने फिरने वाले कार्य क्षेत्र के लिए समय विशेष अच्छा रहेगा। आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले मजबूत रहेगी। घरेलू तनाव कम होगे। नौकरी पेशा लोगों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। विद्यार्थी वर्ग कुछ तनाव में रहेगा। आर्थिक समस्याओं को लेकर मन चिन्तित हो सकता है। समय की उपयोगिता पर विशेष घ्यान देने की आवश्यकता नजर आ रही है। पारिवारिक रिश्तों में अनुकूलता की स्थिति बनी रहेगी। घरेलू खर्चो में अत्यधिक व्यय होने के संकेत नजर आ रहे है। पितृ पक्ष को कुछ शारीरिक कष्ट हो सकता है। अपनों के प्रति सहयोग व सहानुभूति रहेगी।
मार्च—16 मार्च से 18 अप्रैल के मध्य आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। जो लोग साझे सहयोग का कार्य कर रहे है उनके लिए समय अच्छा है। घरेलू मामलों में कुछ बातों को लेकर तनाव हो सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा नहीं हैं। रोजी व रोजगार की तलाश में नवयुवकों को अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। महिलाओं को किसी कार्य के लिए शाबासी व पुरस्कार आदि मिल सकता है। अनचाहे समबन्धों के प्रति उदासीनता ही उचित समाधान है। व्यवसायी वर्ग अपने सामान की स्वंय देखभाल करें अन्यथा चोरी होने की आशंका है। नौकरी वाले जातकों को बोनस आदि मिल सकता है। छात्र अपनी व्यक्तित्व में बदलाव न लायें वरना बाद में कष्ट होगा। मार्च के महीने में खर्चों में बढ़ोत्तरी हो सकती है तथा मार्च माह में निवेश संबंधी कार्यों से लाभ प्राप्ति के योग बनते हैं। व्यवसाय संबंधी या अन्य सौदे करते समय अपने व्यवहार में सावधानी बरतें, आपकी आक्रामकता अथवा आपके द्वारा अप-शब्दों का प्रयोग आपको नुकसान पहुँचा सकते हैं।
तुला का शनि और आपकी राशी—15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें, पेश है तुला के शनि का मेष राशि पर प्रभाव :
मेष राशि—आपकी राशि से 15 नवंबर 2011 से शनि, सप्तम राशि यानी तुला को प्रभावित कर रहा है। गोचर में गुरु आपकी राशि में ही विचरण कर रहा है। दोनों ही ग्रह 16 मई 2012 तक एक-दूसरे को ऊर्जा और शक्ति का आदान-प्रदान कर रहे हैं। शनि कुछ समय के लिए वक्रगति प्राप्त कर कन्या राशि में भी आएगा और उसी समय के आसपास गुरु भी वृष राशि में प्रवेश करेगा।
शनि और बृहस्पति राशि चक्र के बहुत ही शक्तिशाली ग्रह हैं। यदि आप उद्योगपति हैं या व्यवसायी हैं तो आप अपने वर्तमान कार्यक्षेत्र का विस्तार कर सकते हैं और यदि किसी और क्षेत्र में किस्मत आजमाना चाह रहे हैं तो इन दोनों ग्रहों की उपस्थिति आपको ऐसा करने में पूर्ण मददगार रहेगी।
नई पार्टनरशिप या एसोसिएशन में भी प्रवेश किया जा सकता है। काफी यात्राएं करनी पड़ेंगी और आपकी उपलब्धियों में वृद्धि होगी। जो लोग नौकरी में हैं उनके लिए स्थितियां अनुकूलता लिए रहेंगी। पदोन्नति या उन्नति भी हो सकती है। जो लोग नौकरी बदलना चाह रहे हैं तो उनको किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
व्यक्तिगत स्तर पर चीजें सुचारू रूप से चलेंगी। जो लोग पार्टनर की खोज में हैं उन्हें आसानी से मिल जाएगा। पारिवारिक मामले नियंत्रण में रहेंगे और वातावरण आनंददायक बना रहेगा। आर्थिक स्थिति रूप से यह समय बहुत अच्छा रहेगा। 16 मई 2012 को शनि वक्रगति से कन्या राशि में प्रवेश करेगा और 4 अगस्त 2012 को वापस तुला राशि में आएगा।
बृहस्पति अगली राशि वृष में प्रवेश करेगा और लगभग एक साल वहां रहेगा। दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि शनि छठे और बृहस्पति दूसरे भाव में विचरण रहेगा। यद्यपि यह समय बहुत ही छोटा है लेकिन यह बहुत ही फलदायी रहेगा। किसी प्रोजेक्ट या असाइनमेंट के द्वारा अच्छा धन लाभ अर्जित होने की संभावना है।
यदि कोई मसला कोर्ट-कचहरी में चल रहा है तो उसका फैसला आपके पक्ष में संपन्न हो सकता है। यदि किसी परीक्षा, प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं तो आपको सफलता प्राप्त होगी। विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी। नौकरी में अचानक उपलब्धि का योग भी बन रहा है। आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
अगस्त दिसंबर 2012 के मध्य शनि तुला राशि में ही रहेगा। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 तक शनि अस्त रहेगा बाकी समय शनि आपके पक्ष में रहेगा। आप ऐसे कुछ निर्णय ले सकते हैं जो उलटवार कर सकते हैं।
मेष राशि वालों के लिए शनि का भ्रमण दशमेश व एकादशेश होकर सप्तम भाव से होने की वजह से जीवनसाथी से लाभकारी रहेगा। दैनिक व्यापार-व्यवसाय में भी लाभ के योग हैं। भाग्य पर सम दृष्टि है अत: भाग्य के मामलों में मिलीजुली स्थिति देगा। लग्न पर यानी स्वयं पर स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों का कारण भी बनेगा। दशम दृष्टि चतुर्थ भाव पर सम होने से पारिवारिक, जनता से संबंधित, माता से संबंधित मामलों में ठीक ही रहेगा। स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव होने पर सरसों का तेल या काले तिल का तेल प्रत्येक शनिवार को जमीन पर गिराएं।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो—शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
वृषभ राशि—इ,उ,ए,ओ,वा,वी,वू,वे,वो
वृषभ राशि की विशेषतायें - शुक्र के प्रभाव के कारण आप जन्म से भाग्यशाली हैं। बुध ग्रह आपकी कुंडली में धन और शिक्षा के स्वामी है। शनि नवम और दशम भाव के स्वामी होने के कारण राजयोग बना रहें है।
वृषभ राशि बैल का प्रतीक है। जिस कारण आप में जिम्मेदारी और कर्तव्य का भाव परिलक्षित होता है। आप पूर्ण ईमानदारी और लगन के साथ अपने परिवार और बड़े बुजुर्गों की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहते हैं।
आपकी शारीरिक बनावट आकर्षक होती है। आपके कंधे चौड़े होते हैं। आपकी आँखें बड़ी-बड़ी और छाती मजबूत है। आप साहसी और हंसमुख स्वभाव के व्यक्ति हैं। आप अपने प्रयासों द्वारा किसी भी परिस्थिति को संभाल सकने में सक्षम होते हैं। शुक्र आपको सौंदर्य का स्वामी बनाता है।
जनवरी—इस राशि वालों के लिए 1 जनवरी से 5 फरवरी के मध्य कार्य व्यापार में व्यापकता व प्रगतिशीलता आयेगी । जो लोग नौकरी पेशा में हैं उनको पद और प्रतिष्ठा का लाभ होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा नहीं रहेगा जो लोग शेयर बाजार या सटटे का कार्य करते है। उनके लिए यह समय मध्यम श्रेणी का रहेगा। महिलायें किसी अनहोनी के भय से परेशान रहेगी। नयें लोगों को कैरियर के प्रति सकारात्मक रूख अख्तियार करने की आवश्यकता है। सन्तान को नौकरी मिलने की सम्भावना है जिससे आप चिन्ता मुक्त हो जायेंगे। आय व व्यय का लेखा-जोखा स्वय बनायें तो ही हितकर रहेगा। नयुवक अपने अभिन्न मित्रों से बैर न करें वरना आप अकेले पड़ जायेंगे।
फरवरी—6 फरवरी से 10 मार्च के मध्य धन की आकस्मिक प्राप्ति होगी। सरकारी तंत्र से सावधानी बरतें। परिवारिक सुखों के लिए यह समय श्रेष्ठ साबित होगा। अपनी उपयोगिता को बनायें रखें तभी आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। परिवार के कुछ सदस्यों के प्रति आपका मन उदासीन हो सकता है। इष्ट मित्रों के साथ किसी बात को छिपाने का प्रयास न करें। ऑफिस वाली महिलायें अपने बॉस से झूठ बालने का प्रसया न करें अन्यथा बात बिगड़ सकती है। कुछ लोग अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का प्रयास करेंगे। प्रबन्धन से जुड़े छात्रों को शुभ अवसर मिल सकते हैं।
मार्च—11 मार्च से 5 अप्रैल के मध्य नौकरी पेशा वालों लोग किसी बात को लेकर चिन्तित हो सकते है। ब्लड प्रेशर वाले रोगी अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें अन्यथा कष्ट उठाना पड़ सकता है। आर्थिक स्थितियों में उतार-चढाव वाली स्थितियां बनी रहेगी। समाज के कुछ लोगों से वैमनस्य का भाव उत्पन्न हो सकता है। महिलाओं को सुख व सहयोग की प्राप्ती होगी जिससे उन्हे मानसिक सुकून मिलेगा। व्यसायी वर्ग अपने लाभ के लिए किसी दूसरे का हित न करें, यह ध्यान रखना अतिआवश्यक है। मौसम से सम्बन्धित रोग आपको व्यथित कर सकते है। कुछ लोगों किसी कारणवश यात्रा करनी पड़ सकती है।
जनवरी से मार्च का महीना आर्थिक दृष्टि से अप्रत्याशित संभावनाओं से भरा रहेगा । बुध के आठवें भाव में होने से जनवरी माह में आर्थिक स्तर पर उतार चढ़ाव बने रहेंगे। फरवरी माह में, वित्तीय स्थिति में सुधार के आसार नजर आते हैं। अंतत: आपकी आर्थिक हालत में सुधार हो जाएगा । आपके पास आसानी से धन का बहाव बना रहेगा यह स्थिति मार्च माह तक बनी रह सकती है ।
जनवरी से मार्च का महीना आर्थिक दृष्टि से अप्रत्याशित संभावनाओं से भरा रहेगा । बुध के आठवें भाव में होने से जनवरी माह में आर्थिक स्तर पर उतार चढ़ाव बने रहेंगे। फरवरी माह में, वित्तीय स्थिति में सुधार के आसार नजर आते हैं। अंतत: आपकी आर्थिक हालत में सुधार हो जाएगा । आपके पास आसानी से धन का बहाव बना रहेगा यह स्थिति मार्च माह तक बनी रह सकती है ।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का वृषभ राशि पर प्रभाव :
वृषभ राशि : आपकी राशि से शनि छठे भाव में विचरण कर रहा है क्योंकि तुला राशि वहीं है। क्रूर ग्रह जब छठे भाव से विचरण करते हैं तो बहुत अच्छे परिणाम देते हैं। प्रत्येक दृष्टि से शनि यहां बहुत कंर्फटेबल है, अतः इस भाव से विचरण करते समय वह स्वतः ही आपके लिए अतिरिक्त मददगार सिद्ध होंगे।
कॉर्पोरेट, व्यवसायी या उद्योगपति के रूप में अपनी योजनाओं और प्रोजेक्ट को आसानी से क्रियान्वित करने में सफल रहेंगे। यदि किसी प्रांत या देश से मदद की अपेक्षा कर रहे हैं तो वह आसानी से प्राप्त हो जाएगी और यदि विदेश जाने की योजना बना रहे हैं तो वहां भी आपको किसी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
यदि नौकरी में हैं तो स्थितियों में अनुकूलन बना रहेगा और आपको कुछ अच्छे अवसर भी प्राप्त होंगे। जो लोग परीक्षा, प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं तो उन्हें सफलता प्राप्त होगी। पदोन्नति और बदलाव भी संभावित है। पैतृक संपत्ति को लेकर कोई मामला कोर्ट-कचहरी में चल रहा है तो उसका फैसला आपके पक्ष में संपन्न हो जाएगा। विरोधी चाहकर भी आपको हानि नहीं पहुंचा पाएंगे।
8 मई से 26 जून 2012 के मध्य शनि वक्री रहेगा। 16 मई 2012 को शनि वक्रगति से कन्या राशि में प्रवेश करेगा। इस दौरान अपने कैरियर से संबंधित निर्णय लेते समय आपको अतिरिक्त सावधान रहने की आवश्यकता है। नए निवेश पूर्ण जांच-परख के बाद ही करें।
वाद-विवाद में न पड़ें अन्यथा हानि हो सकती है, जिससे सकारात्मक विचारधारा से बचा जा सकता है। यद्यपि आपको बहुत अच्छे अवसर प्राप्त होते रहेंगे और यदि आपका चुनाव उत्तम है तो यह समय आपके लिए काफी मददगार सिद्ध होगा। थोड़ी-सी सावधानी परिणामों की दिशा परिवर्तित कर सकती है।
जैसा कि पहले बताया गया है कि शनि जून में मार्गी होगा और 4 अगस्त को दोबारा तुला राशि में प्रवेश करेगा और साल के अंत तक इसी राशि में विचरण करेगा। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य शनि अस्त रहेगा। अस्त शनि की नकारात्मक विशेषताएं सामने आने लगती है जो उसमें वृहत स्तर पर मौजूद हैं।
जब शनि सूर्य की उपस्थिति से प्रभावित होता है तो शनि आक्रामक हो जाता है। इस दौरान आपको अत्याधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। अन्यथा आप अपने कैरियर पार्टनर या एसोसिएट से अलग हो जाएंगे। वैसे शनि में आपके कैरियर ग्राफ में आमूलचूल परिवर्तन लाने की पूर्ण क्षमता है।
वृषभ राशि वालों के लिए शनि का गोचरीय भ्रमण षष्ट भाव से भाग्येश व दशमेश होने से शत्रु पक्ष प्रभावहीन होंगे। कर्ज की स्थिति से छुटकारा मिलेगा। बाहरी मामलों में सावधानी रखें, स्वास्थ्य ठीक ही रहेगा। व्यापार, नौकरी, पिता के मामलों में रूकावटों के बाद सफलता रहेगी, पराक्रम बढ़ेगा। घरेलू सुख शांति में कुछ गतिरोध बना रहेगा। परन्तु वाद-विवाद में सफलता मिलेगी। 15 नवम्बर के बाद मानसिक अस्थिरता, गृह प्रपंच बढ़ सकता है।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
मिथुन राशि — का,की,कू,ही,ड,छ,के,को,का
मिथुन राशि की विशेषतायें - बुध आपकी बौद्धिक क्षमता को प्रभावित कर रहा। आप में जटिल स्थितियों से निपटने की क्षमता है और आप इन कठिन परिस्थितियों को आसानी से अपनी बुद्धि तथा बुद्धिमत्ता से अपने अनुसार बदल सकते हैं। आप स्वभाव से परिश्रमी, आत्म निर्भर और विनोद पूर्ण व्यक्ति हैं। आपके जीवन के प्रारंभिक बाईस साल संघर्ष पूर्ण रहेंगें। लेकिन यह संघर्ष आपको विजेता के रुप में बाकी जीवन को जीने की प्रेरणा देता है। ऊँचाइयां प्रदान करता है। आपके व्यवहार में कुशलता व लचीलापन स्पष्ट रुप से देखा जा सकता है। परिश्रमी होने के कारण आप संघर्ष से घबराते नहीं है। आप धन का उपयोग बहुत सोच समझ कर करते हैं और इस प्रकार पैसों की बचत भविष्य की पूँजी बनकर आपके लिए उपयोगी साबित होती है।
जनवरी—इस राशि वालों के लिए 1 जनवरी से 3 फरवरी के मध्य स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरते। जहां तक कार्य की बात है। वह अच्छा चलता रहेगा। इसलिए आर्थिक स्थिति में सुधार रहेगा। घरेलू माहौल में तनाव की संभावना बनेगी। सामाजिक कार्यौ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने से मानिसक स्थिति कुछ अच्छी हो सकती है। जिसे आप बहुत चाहते है, उसका सहयोग करना पड़ सकता है। जो लोग रात्रि में अधिकतर देर रात तक कार्य करते है, उन्हें गैस समबन्धी शिकायत हो सकती है। पारिवारिक स्थितियों में कुछ उतार-चढ़ाव वालह स्थति बनी रहेगी। प्रेम सम्बन्धों में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
फरवरी—4 फरवरी से 1 मार्च के मध्य आपको अपने मित्र या रिश्तेदारों से सावधानी बरतने की आवश्यकता है। जो लोग कर्ज ब्याज आदि का कार्य करते उन्हें भी सावधान रहने की जरूरत हैं अन्यथा दोहरी समस्याऐ खड़ी हो सकती है। विवाह योग्य व्यक्तियों के विवाह बन्धन में बंधने के योग बन रहे है। अस्थमा रोगी अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें अन्यथा छोटी समस्या बड़ी समस्या का रूप धारणकर सकती है। महिलायें अपने सौन्दर्य प्रसाधनों पर अत्यधिक व्यय करेगी जिससे आर्थिक बजट बिगड़ सकत है। कुछ लोगों का अनचाही यात्रा करनी पड़ सकती है। प्रेम सम्बन्धो के मामलों में किसी मध्यस्थ की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
मार्च—2 मार्च से 10 अप्रैल के मध्य आपके घर में किसी धार्मिक कार्य का आयोजन होगा। भाग्य एक तरफ आपके आय में बढोत्तरी करेगा। लेकिन दूसरी तरफ अनाप-शनाप के खर्चे भी बढ़ेगे। घर में चोरी बेईमानी से हानि सम्भव हैं किसी नये कार्य के आरम्भ में रूकावट आ सकती है। अतः नये कार्यो को शुरू करने से इस समय बचे। किसी के सहयोग से बिगड़ा हुआ कार्य बनने की सम्भावना है। आप-अपने बच्चों को लोहे या धारदार हथियारों से दूर रनखने का प्रयास करें अन्यथा चोट आदि लगने की अशंका है। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को अत्यधिक कार्य करने के बावजूद भी ज्यादा तवज्जों नहीं मिलेगी जिसके कारण उनकों हताशा महसूस होगी। मलिओं के लिए समय सामान्य रहेगा। प्रेम से समबन्धित मामलें में सफलता प्राप्त होगी।
आप पैसे और वित्त के मामलों में भाग्यशाली रहेंगे। शनि और शुक्र के प्रभाव के कारण खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। लेकिन केतु के व्यय भाव में गोचर के कारण कारण अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। इस अवधि के दौरान आर्थिक लाभ की उम्मीद कर सकते हैं, इसके विपरीत विरासत में मिली पैतृक संपत्ति में हानि हो सकती है।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का मिथुन राशि पर प्रभाव :
मिथुन राशि : शनि 15 नवंबर 2011से आपके पांचवें भाव में चल रहे हैं। शनि का कन्या में पिछला विचरण लगभग ढाई साल काफी थका देने वाला और हर कदम पर परेशानियां पैदा करने वाला था। शनि का पंचम भाव में विचरण उत्तम सिद्ध होगा और यह शनि की उच्च राशि तुला है। इस दौरान अपने रचनात्मक विचारों और प्रोजेक्टस के साथ आगे बढ़ने में मददगार सिद्ध होगा।
8 फरवरी 2012 तक शनि तुला राशि में विचरण करेगा। यदि आप एक्टिंग मॉडलिंग, सिंगिग, आर्ट, म्यूजिक, डांसिंग आदि से जु़ड़े हैं तो आप अपनी पहचान बनाने में सफल रहेंगे। आपको कुछ समुचित अवसर प्राप्त होंगे।
एक बिजनेसमैन हैं तो आप अपनी योजनाओं पर बिना किसी परेशानी के अमल करने में सफल रहेंगे। नौकरीपेशा लोगों के लिए देश के साथ-साथ विदेश में भी आपको अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। यदि प्रेममय हैं तो यह संबंध विवाह में परिणत हो सकता है। प्रतियोगी निराश नहीं होंगे। यदि रिसर्च आदि से जु़ड़े हैं तो इस भाव में शनि की यात्रा आपकी इच्छाओं की पूर्ति करने में काफी हद तक मददगार सिद्ध होगी।
देश-विदेश की यात्राएं आपकी छवि और कैरियर को बनाने में अहम भूमिका अदा करेंगी। शनि 8 फरवरी और 26 जून 2012 के मध्य वक्र गति से चलेगा। 16 मई 2012 को पिछली राशि कन्या में प्रवेश करेगा। यदि आप शनि की गति के साथ तारतम्य बनाए रखेंगे और परिणामों का अनुसरण करते रहेंगे तो यह आपको नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं करेगा।
यदि आप इसे अनदेखा करते रहे तो फिर शनि आपको पकड़ लेगा। इसका प्रभाव भावनात्मक स्तर पर देखा जा सकता है और साथ ही जो योजनाएं कुछ समय पहले लगभग पूर्ण लग रही थी उनमें अचानक अवरोध आ सकता है। जिन लोगों का आपकी गतिविधियों से काफी लेना-देना है उनके साथ भी वाद विवाद की स्थिति पनप सकती है। शनि 4 अगस्त 2012 को अपनी उच्चराशि तुला में वापस आ जाएगा और वर्ष के अंत तक वहीं रहेगा।
शनि अस्त हो जाएगा जो 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य होगा। इस दौरान अधिकतर समय सूर्य नीचस्थ रहेगा और शनि के ऊपर से गुजरेगा। मुख्य प्रोजेक्ट्स के बारे में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पारिवारिक मसले उभर सकते हैं। बच्चों के साथ मतभेद हो सकते हैं। स्वास्थ्य की समस्याएं आपको या आपके परिवार को तंग कर सकती हैं।
मिथुन राशि वालों के लिए शनि का गोचरीय भ्रमण पंचम भाव से अष्टमेश व भाग्येश होकर रहेगा। इसके फलस्वरूप भाग्य में वृद्धि होगी, विद्या में सफलता, परिश्रम पूर्ण, स्वास्थ्य ठीक रहेगा। जीवनसाथी के मामलों में समय ठीक ही कहा जा सकता है। आय के मामलों में बाधा रह सकती है। धन कुटुंब के मामलों में मिलीजुली स्थिति पाएंगे।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
कर्क राशि — ही,हू,हे,हो,डा,डी,डू,डे,डो
कर्क राशि की विशेषतायें - कर्क राशि सबसे भाग्यशाली राशि मानी जाती है और चंद्रमा उसका स्वामी है। यह 80 से120 डिग्री तक का क्षेत्र को घेरे रखती है। यह राशि जल निकायों और पानी यानी तटीय क्षेत्रों समुद्र तटों और झरने के आसपास के क्षेत्र से संबंधित है। आपको सार्वजनिक स्थानों पर जाने के बजाय घर पर रहना अधिक प्रिय लगता है। आप बेहद संवेदनशील, जिज्ञासु और बेचैन प्रवृत्ति के होते हैं। आप अपने परिवार और दोस्तों के लिए समर्पण का भाव रखते हैं। आप शारीरिक रूप से मध्यम आकार वाले, गोरे रंग के, चौड़ी छाती और लंबी भुजाओं वाले होते हैं। आप बुद्धिमान, उज्ज्वल और श्रमसाध्य व्यक्तित्व वाले हैं। आपका अपने परिवार और बच्चों के साथ बहुत लगाव है।
जनवरी—इस राशि वालों पर शानि की ढैया प्रारम्भ हो गयी है। 1 जनवरी से 10 फरवरी के मध्य जो लोग नौकरी या फिर किसी नये कार्य की तलाश में है, उन्हे अभी और भटकना पड़ेगा क्योंकि उनके लिए यह समय अनुकूल नहीं है। धार्मिक कार्यो और यात्राओं के योग भी बन रहे है। दाम्पत्य जीवन में किसी नन्हें मेहमान के आगमन का योग बन रहा है। और कुछ लोगों को दाम्पत्य जीवन में बंधने के भी अवसर प्राप्त होगे। आपको स्वास्थ्य की समस्याएं प्रकट होने की आशंका है। किसी अपरिचित व्यक्ति से विवाद होने की आशंका रहेगी। अचानक धन लाभ की भी संभावना है। कानूनी विवाद में विजय की सम्भावनाएं है। जो लोग कर्ज ब्याज आदि में फंस रहे है। उनको शीघ्र मुक्ति मिलने की संभावना है। खर्चे अधिकतपा बनी रहेगी। जो लोग साथ में सहयोग का कार्य करते है। उनकी उन्नति होगी। धार्मिक कार्यो विवाद में विजय मिलेगी। नौकर चाकरों से सावधान रहें। प्रेम के प्रति सतर्कता बरतें।
फरवरी—11 फरवरी से 8 मार्च के मध्य आपको माथे या सिर पर चोट लग सकती है। जो लोग कर्ज या ब्याज आदि में फंसे है। उन्हें कुछ राहत मिलेगी। पैर पीड़ा या वात पीड़ा से ग्रसित लोगों के लिए यह समय अधिक कष्टकारी होगा। कुछ लोंगों का कर्मो की अपेक्षा भाग्य ज्यादा साथ देगा। बहुत से लोगों के विवाह के योग बनेगे। आर्थिक स्थिति में वृद्धि और रूके कार्यों में प्रगति होगी। नौकरी पेशा लोगों को पद प्रतिष्ठा आदि का लाभ होगा। सम्बन्धों के प्रति मन में उदासीनता के भाव उत्पन्न हो सकते है। महिलाओं के अतिरिक्त लाभ मिलने की सम्भावना नजर आ रही है। प्रेम मामलो में जोंखिम न उठायें अन्यथा बदनामी हो सकती है।
मार्च—9 मार्च से 3 अप्रैल के मध्य आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी की आवश्यकता है। कहीं भी लिखापढ़ी अथवा हस्ताक्षरों के मामलें में विशेष सावधानी रखें। परिवार के बड़े लोगों का स्वास्थ्य खराब होने की आशंका है। जो लोग किसी मित्र या रिश्तेदार से किसी लाभ की आशा में है। उनकी इच्छा पूरी होगी। रिस्क न उठाने वालों की आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। पारिवारिक सुखों में वृद्धि होगी। महिलायें लग्जरी सामानों पर खर्च अधिक कर सकती है।। किसी लम्बे समय से बिछड़े हुए व्यक्ति से मुलाकात होगी। रूका धन प्राप्त होगा लेकिन तेजी से खर्च भी हो जायेगा। नई योजनाओं में सफलता प्राप्त होगी। परिवार वृद्धि के योग भी बन रहे है। प्रेम समबन्धों के मामलें मे एक दूसरे के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनायें।
कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक रूप से अच्छा रहेगा । लेकिन आप सत्ता और पद प्राप्ति के लिए ज्यादा लालायित रहेंगे। इस तिमाही के दौरान आपको आर्थिक रूप से कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि गोचर में आपकी कुंडली के दूसरे भाव का स्वामी छठे भाव में बैठा हुआ है। जिस कारण आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहेगी। आप काला बाजारी या अवैध स्रोतों के माध्यम से भी कुछ धन बना सकते हैं। यदि आपकी जन्म कुंडली में भी दूसरे भाव का स्वामी पीड़ित है या अशुभ प्रभाव में है तो आप अवैध लेन-देन या अन्य किसी मुसीबत में फंस सकते हैं। कुल मिलाकर, कर्क राशि के अच्छे लोगों के लिए यह समय ज्यादा अच्छा नहीं है। जो अवैध धन्धे करते हैं, उनके लिए समय अनुकूल रहेगा ।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का कर्क राशि पर प्रभाव :
कर्क राशि : शनि 15 नवंबर 2011 से 4 नवंबर 2014 के मध्य आपकी राशि से चतुर्थ भाव में भ्रमण करेगा। नवंबर 2011 से 8 फरवरी 2012 तक शनि तुला राशि में विचरण करेगा जो आपका चतुर्थ भाव है। चतुर्थ भाव आदमी का कंफर्ट जोन है और जब वह चतुर्थ भाव का विचार करता है तब पूर्ण शांति का अनुभव करता है।
शायद यही कारण है कि कुंडली में चतुर्थ भाव मां, घर, अबाधित नींद और पूर्ण सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करता है। यद्यपि शनि यहां किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं करता लेकिन इसकी एक आदत है कि जो इन क्षेत्रों में जो कुछ भी गलत हो रहा है उसे उजागर करता है। शनि फरवरी 2012 से वक्री होगा जो 26 जून 2012 तक रहेगा।
शनि अपनी पहली वाली राशि यानि कन्या में 16 मई को वापस आएगा और 4 अगस्त 2012 तक यहीं भ्रमण करेगा। फरवरी से अगस्त के मध्य का समय वर्णित क्षेत्रों में काफी राहत प्रदान करेगा। यदि आप अपने कैरियर, व्यवसाय या उद्योग में किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं तो अपने मित्र-शुभचिंतकों की मदद से उसका हल किया जा सकता है।
आपके लिए सलाह है कि अपने वर्तमान कार्य या प्रोजेक्ट में अपनी पूर्ण ऊर्जा लगाएं और परिश्रम से कार्य करें। अपव्यय पर नियंत्रण लगाएं। यदि नौकरी की तलाश में हैं तो आपको नौकरी तलाश करने में कोई परेशानी नहीं होगी। जो लोग नौकरी में बदलाव या उन्नति के लिए प्रयासरत हैं तो उनको आशानुकूल परिणाम प्राप्त होंगे।
पैतृक संपत्ति को लेकर यदि कोई मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो उसका फैसला करने में ही भलाई है। कुछ आर्थिक तंगी हो सकती है। 4 अगस्त 2012 से साल के अंत तक शनि तुला राशि में ही रहेगा। इस दौर में आपको मिश्रित परिणाम ही प्राप्त होंगे। पूर्ण प्रयासों के बावजूद आपकी कुछ योजनाएं और प्रोजेक्ट्स आगे नहीं बढ़ पाएंगे।
वर्तमान कार्यों में भी आपको समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आपसी संबंधों में भी तनाव आ सकता है। कार्य का बोझ बढ़ेगा और कभी-कभी इसे पूर्ण कर पाना कठिन भी होगा। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य शनि अस्त होगा। इस दौरान आप मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं और समय-समय पर भावनात्मक मसले ऊभर सकते हैं जो आपको तंग करेंगे। स्थितियों को गहराई से समझें और मेडिटेशन पर जोर दें।
कर्क राशि वालों के लिए शनि का गोचरीय भ्रमण चतुर्थ भाव से सप्तमेश व अष्टमेश से होकर रहने के कारण प्रथम पारिवारिक मामलों मे कठिनाई के बाद सफलता का रहेगा। शत्रु प्रभावहीन होंगे। राज्य, पिता, व्यापार, नौकरी के मामलों में सावधानी रखना होगी। स्वयं को संभल कर चलना होगा।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
सिंह राशि — मा,मी,मू,मे,मो,टा,टी,टू,टे
सिंह राशि की विशेषतायें - सिंह राशि के व्यक्ति दिखने में प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले, चौडे़ कंधों से युक्त होते हैं, आप स्वभाव से उत्साही, निडर और साहसी होते हैं और उदार प्रकृति के व्यक्तियों का सम्मान करने वाले होते हैं। आपमें नेतृ्त्व की अदभुत क्षमता है। आपको अपने क्रोध को दूर करने का प्रयास करना चाहिए । आप स्वभाव से दृढ़ निश्चयी है आप में रचनात्मकता का भाव है आप पूरे जोश के साथ कार्य करते है सिद्धान्तो व अनुशासित ढंग से कार्य करना आपकी प्रवृत्ति है।
आप स्वयं को जीवन के किसी भी माहौल के अनुरुप ढ़ाल सकते हैं। आप महत्वाकांक्षी हैं और कभी-कभी लालची भी हो सकते हैं आप एक स्वतंत्र विचारक हैं आप रूढ़िवादी धर्म से चिपके रहते हैं लेकिन अन्य विचारों और व्यवहारों के प्रति सहिष्णु भाव भी रखते हैं ।आप दार्शनिक हैं आपको साहित्य और ललित कला से प्यार है आप पुस्तकें पढ़ने में अत्यधिक दिलचस्पी रखते हैं.आप संतोष और वैराग्य में सक्षम हैं।
जनवरी- इस राशि वालों के शनि की साढ़ेसाती उतर चुकी है, अतः इनका वर्ष अछा रहेगा। 1 जनवरी से 3 फरवरी के मध्य कार्य व्यापार में वृद्धि होने की संभावना है। जो लोग किसी कानूनी विवाद में फंसे हुए है उन्हे विशेष सावधानी की आवश्यकता है। आपको ब्याज कर्ज के लेनदेन से बहुत दूर रहना चाहिए। आय व व्यय में समसनता की स्थिति बनी रहेगी जिसके कारण मन चिन्ताग्रस्त रह सकता है। रोजगार के नये अवसर प्राप्त होगे। आय में वृद्धि होगी । स्वास्थ्य की दृष्टि से सिंह राशि वालों को सर्दी के रोग से सावधान रहने की आवश्यकता है। जिनकी गुरू की दशा चल रही है उनके लिये समय विशेष अच्छा रहेगा।अक्टूबर का मध्य सप्ताह मिला जुला फल देने वाला होगा। जो लोग व्यापार के क्षेत्र में है उनमें से अधिकतर की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। लेकिन जो लोग नौकरी कर रहें है उन्हें अपने सीनियर्स से परेशानी होगी। प्रेम के नयें मामलें बन सकते है।
फरवरी—4 फरवरी से 10 मार्च के मध्य जो लोग रिस्की कार्य करते हैं उनको सावधानी रखने की आवश्यकता है। बहुत से लोगों को माता-पिता बनने के अवसर प्राप्त होगें। आमदनी में वृद्धि होगी। परन्तु विवादों से बचें। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। मंगल सम्बन्धों में तनाव उत्पन्न करेगा। मंगलवार को मीठा का दान करें। विवाह योग्य व्यक्तियों विवाह होगा। नौकरी वाले जातको को बोनस की प्राप्ति तथा परिवार में मांगलिक कार्य होगें। उत्साह में वृद्धि तथा रूके हुए कार्यों की पूर्ति होगी। कुछ लोगों को राज्य आदि से सहयोग मिल सकता है। प्रेम के मामलों के लिए अभी समय उचित नहीं है।
मार्च—11 मार्च से 5 अप्रैल के मध्य विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। जो लोग शेयर या सटटे का कार्य करते है। उनके लिए समय अच्छा नहीं है। साझेदारी के कार्यो में लाभ होगा। इस समय आपको आलस्य बहुत आयेगा। अतः आप समी के लकड़ी से हवन करवाये। सन्तान की ओंर से मन प्रसन्नचित्त रहेगा। इस मास आप भूल से भी कर्ज का लेन-देन न करें। अन्यथा समस्या में पड़ जायेंगे। कार्य व्यापार में उन्नति होगी। जो लोग नौकरी पेशा में हैं उनको पद और प्रतिष्ठा का लाभ होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा नहीं रहेगा जो लोग शेयर बाजार या सटटे का कार्य करते है। उनके लिए यह समय मध्यम श्रेणी का रहेगा। कुछ लोगों को धन की आकस्मिक प्राप्ति हो सकती है।। सरकारी तंत्र से सावधानी बरतें। परिवारिक सुखों के लिए यह समय श्रेष्ठ साबित होगा। पुराने प्रेम सम्बन्ध फिर से सक्रिय हो सकते है।
आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी इस तिमाही में आप धन के मामले में भाग्यशाली रहेंगें रुपये-पैसे के संबंध में यह तिमाही आपके लिए अच्छी होगी कमीशन एजेंट या वाहन डीलरों के लिए वित्तीय मामलों के संबंध में यह समय उत्कृष्ट होगा कुछ अप्रत्याशित सौदों के होने का संकेत मिल रहें है मार्च का समय आर्थिक रूप से कमजोर रहेगा ।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का सिंह राशि पर प्रभाव :
सिंह राशि : 15 नवंबर 2011 से शनि आपके तृतीय भाव में विचरण कर रहा है यहां वह आने वाले ढाई वर्षों तक रहेगा। शनि जब तृतीय भाव में विचरण करता है जो वह यहां पर बहुत ही कंफर्टेबल होता है। नवंबर से 8 फरवरी 2012 के मध्य शनि सीधी गति से चलेगा और आपकी योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को क्रियान्वित करने में आधारभूत मदद करेगा।
आपके कुछ अहम विचार क्रियान्वित होंगे और उनका विस्तार भी होगा। आपकी वर्तमान परियोजनाओं में लाभ की स्थितियां निर्मित होंगी। यदि नौकरी, पदोन्नति, उन्नति या बदलाव की तलाश में हैं तो आपको बहुत अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। आप महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे जिनसे आपकी प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी।
प्रोफेशनल्स या जो लोग सृजनात्मक क्षेत्र से जु़ड़े हैं इस दौरान उनको बहुत अच्छे फल प्राप्त होंगे। यात्राएं नए आयाम प्रदान करने वाली सिद्ध होंगी। कुछ महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात होगी। फरवरी और 26 जून 2012 के मध्य शनि वक्रगति से चलेगा। अपनी इस गति से चलते हुए 16 मई 2012 शनि अपनी पहली राशि कन्या राशि में प्रवेश करेगा और 4 अगस्त 2012 को फिर से तुला राशि में लौटेगा।
फरवरी और अगस्त के मध्य उत्थान और विकास की गतिविधियों में अत्यधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। यदि आप शांत चित्त और ठीक से विचार कर कार्य करेंगे तो यह दौर अच्छे गुजर जाएगा,अन्यथा इन क्षेत्रों में समस्याओं का सामना करने के लिए तैयार रहें।
गलत निर्णय या अधिक खर्च के कारण धन की कमी महसूस होगी। घरेलू मसले चिंता का विषय हो सकते हैं। अगस्त और दिसंबर 2012 के मध्य शनि तुला राशि में आगे बढ़ेगा जो आपकी राशि से सुंदर संयोग बनाएगा। कैरियर से संबंधित सभी समस्याओं के समाधान प्राप्त होंगे। बहुत अच्छे अवसर प्राप्त होंगे जो आपके पूरे व्यक्तित्व में परिवर्तन करने वाले सिद्ध होंगे।
आर्थिक स्थिति में सुदृ़ढ़ता आएगी। प्रॉपर्टी, वाहन, सोना-चांदी में निवेश की संभावनाएं भी बलवती हो रही हैं। इस दौरान आपको काफी यात्राएं करना पड़ेंगी जो नए आयाम प्रदान करने वाली होंगी। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य शनि अस्त होगा इसलिए सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
सिंह राशि वालों के लिए शनि तृतीयेश से भ्रमण करेगा । षष्ट व सप्तमेश होने के कारण पराक्रम अधिक करने पर सफलता मिलेगी। भाईयों, मित्रों, साझेदारियों से लाभ व सहयोग रहेगा। भाग्य के क्षेत्र में थोड़ी बाधा भी रहेगी, शनिवार को सरसों या काले तिल का तेल जमीन पर गिराएं। बाहरी मामलों में मिलीजुली स्थिति पाएंगे।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
कन्या राशि — टो,पा,पी,पू,ष,ण,ठ,पे,पो
कन्या राशि की विशेषतायें — कन्या राशि मूल रूप से बौद्धिकता और ज्ञान से परिपूर्ण होती है इसका स्वामी बुध है। जो बुद्धि व ज्ञान का प्रतीक है इस राशि के लोग कला और साहित्य में अधिक रूचि रखते हैं कन्या राशि के लोग मध्य कद के और चौड़ी छाती वाले होते हैं।
आप व्यवहारिक प्रकृति के भेदभाव करने वाले, आवेगी और भावुक होते हैं। आपको भले-बुरे की पहचान है तथा स्वभाव से आप अन्तर्मुखी है आप विवेकी, आर्थिक, कूटनीतिक और चतुर हैं।
आप एक अच्छे लेखक हैं. आप संगीत और ललित कला से प्यार करने वाले होते हैं। आपके व्यक्तित्व में आकर्षण का भाव है इस कारण लोग आपसे जल्द ही प्रभावित हो जाते हैं आप को अपनी उर्जा को व्यर्थ नष्ट होने से बचाना चाहिए आप पति-पत्नी के रूप में एक अच्छे जीवन साथी हैं.
जनवरी- इस राशि वालों के लिए 1 जनवरी से 15 फरवरी के मध्य आमदनी में वृद्धि होगी लेकिन जितना तेजी से पैसा आयेगा। उतनी ही तेजी से खर्च भी होगा। घरेलू मामलों में तनाव की स्थिति रहेगी। इस समय एसीडिटी तथा मानसिक तनाव बढ़ेगा। व्यापारी वर्ग के लिए यह माह अनुकूल रहेगा। किसी नये कार्य को करने से पहले अपने जीवन साथी से विचार विमर्श अवश्य कर लें तभी आपको सफलता प्राप्त होगी। ससुराल पक्ष से आर्थिक सुख व सहयोग मिल सकता है महिलाओं के लिए यह मास कठिनाईयों से भरा प्रतीत होगा, इसलिए कोई भी कार्य जल्दबाजी में न कर। प्रेम के मामलें में किसी से विवाद हो सकता है।
फरवरी—16 फरवरी से 10 मार्च के मध्य जो लोग कोयला, तेल, मशीनरी या शनि से सम्बन्धी व्यवसाय में लगे है। उनके व्यवसाय में बढ़ोत्तरी होगी। जिन लोगों की आयु अधिक हो चुकी है। और अभी तक अविवाहित है उनके विवाह के योग बनेगें। नवजवानों को मादक पदार्थों की आदत लगेगी। सावधानी रखें। स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा। किसी खोई हुई वस्तु की प्राप्ति होगी। मित्रों व रिश्तेदारों से सम्बन्धों में मधुरता रखें। नयी कार्य योजनाओं को शीघ्र ही प्रारम्भ करें। कुछ सम्बन्धों में दरार पड़ने की आशंका है अतः किसी पर टिका-टिप्पणी न करें। रूके हुए कार्यों में प्रगति होगी। आर्थिक योजनाओं में किया गया प्रयास सार्थक रहेगा। सन्तान की ओर से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें अन्यथा रोग आप पर हावी हो जाएगा। राह चलेत लोगों के प्रति सहानुभूति उत्पन्न हो सकती परन्तु भावुकता में हानि भी उठानी पड़ सकती है। प्रेम के प्रति सकारात्मक रवैया अपनायें।
मार्च—11 मार्च से 28 अप्रैल के मध्य जो कुछ जैसा चल रहा है। वैसे ही चलने दें अधिक हस्तक्षेप करने से हानि होगी। उनकी प्रगति बहुत ही धीमी रहेगी। तथा पारिवारिक तनाव पैदा होंगे स्वास्थ्य के लिए भी समय ठीक नहीं है। जो लोग यात्रा के कार्यो से जुड़े है। उन्हें लाभ होगा। कुछ लोग को पेट के रोग परेशान करेंगे। जो लोग जमीन जायजाद के कार्यो से जुड़े हैं उनको लाभ होगा। दाम्पत्य जीवन में कटुता आयेगी। व्यापारी वर्ग को सरकारी मामलों में सावधानी की आवश्यकता है। युवा वर्ग को भावुक होने से बचना चाहिए। अक्टूबर का प्रथम सप्ताह कन्या राशि वालों के लिए मिला जुला समय रहेगा। पिता के विरूद्ध कार्य करने में परिवार में तनावपूर्ण माहौल रहेगा। सन्तान को कष्ट परन्तु अचानक धन लाभ हो सकता है। व्यवसायी वर्ग के लिए लाभदायक स्थिति आ सकती है। धन का आगमन होगा। परन्तु इन दिनों कहीं पर हस्ताक्षर आदि करने में सावधानी रखें। प्रेम सम्बन्ध में मधुरता आयेगी।
मार्च—11 मार्च से 28 अप्रैल के मध्य जो कुछ जैसा चल रहा है। वैसे ही चलने दें अधिक हस्तक्षेप करने से हानि होगी। उनकी प्रगति बहुत ही धीमी रहेगी। तथा पारिवारिक तनाव पैदा होंगे स्वास्थ्य के लिए भी समय ठीक नहीं है। जो लोग यात्रा के कार्यो से जुड़े है। उन्हें लाभ होगा। कुछ लोग को पेट के रोग परेशान करेंगे। जो लोग जमीन जायजाद के कार्यो से जुड़े हैं उनको लाभ होगा। दाम्पत्य जीवन में कटुता आयेगी। व्यापारी वर्ग को सरकारी मामलों में सावधानी की आवश्यकता है। युवा वर्ग को भावुक होने से बचना चाहिए। अक्टूबर का प्रथम सप्ताह कन्या राशि वालों के लिए मिला जुला समय रहेगा। पिता के विरूद्ध कार्य करने में परिवार में तनावपूर्ण माहौल रहेगा। सन्तान को कष्ट परन्तु अचानक धन लाभ हो सकता है। व्यवसायी वर्ग के लिए लाभदायक स्थिति आ सकती है। धन का आगमन होगा। परन्तु इन दिनों कहीं पर हस्ताक्षर आदि करने में सावधानी रखें। प्रेम सम्बन्ध में मधुरता आयेगी।
तिमाही में यह समय लॉटरी जुआ या अप्रत्याशित अधिग्रहण के माध्यम से धन लाभ के लिए अनुकूल है आप मितव्ययी बनें और यहाँ तक कि अपने बच्चों पर भी पैसा खर्च करने से बचें तिमाही में शनि दूसरे भाव में स्थित है इस कारण आर्थिक स्थिति में नरमी बनी रहेगी इसके अतिरिक्त सरकार के माध्यम से भी धन की हानि हो सकती है आप एक संगीतकार के रूप में या कला के क्षेत्र में प्रसिद्धि और पैसा प्राप्त कर सकते हैं।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है । शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का कन्या राशि पर प्रभाव :
कन्या राशि : शनि आपकी राशि में पिछले ढाई वर्ष से चल रहा था। 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश किया है जो कि शनि की उच्च राशि है। यहां से आपको राहत की सांस मिलेगी। आपके लिए 15 नवंबर से 16 मई 2012 के मध्य का समय हर तरह से बहुत अच्छा है। धन संबंधी समस्याएं एक बाद एक हल होने से आपको काफी राहत प्राप्त होगी। रुके हुए धन की प्राप्ति भी हो सकती है।
आर्थिक और प्रोफेशनल क्षेत्र के विस्तार की संभावनाएं भी बलवती हो रही हैं। इस दौरान आप किसी नए समझौते या पार्टनरशिप में प्रवेश कर सकते हैं। जो लोग नौकरी बदलना चाह रहे हैं तो उनको इच्छित नौकरी प्राप्त हो जाएगी। विदेश से भी कुछ अच्छे अनुबंध प्राप्त हो सकते हैं। पारिवारिक स्तर पर उत्सव संपन्न हो सकता है या कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।
शनि वक्रगति से 16 मई 201 2 को वापिस आपकी राशि में लौटेगा जो यहां पर 4 अगस्त 2012 तक रहेगा। इस दौरान आपको अत्यधिक सचेत रहने की आवश्यकता है। निकटस्थ जनों के साथ मनमुटाव की स्थिति पनप सकती है। आर्थिक लेनदेन में पूर्ण सावधानी बरतने की नितांत आवश्यकता है। अपने स्वास्थ्य को भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।
4 अगस्त 2012 को शनि तुला में प्रवेश करेगा और वर्षपर्यंत यहीं विचरण करेगा। अगस्त से 9 अक्टूबर के मध्य यह काफी मददगार सिद्ध होगा। आप अधूरे कार्यों को पूर्ण कर सकेंगे। कुछ योजनाएं और कार्य जो लगभग बंद हो गए थे उन्हें पुनर्जीवित किया जा सकता है भाग्य का सहयोग प्राप्त होगा और विदेश से लाभ प्राप्त होने से इंकार नहीं किया जा सकता। परिवार में कोई बड़ा उत्सव भी संपन्न हो सकता है।
9 अक्टूबर से 12 नवंबर के मध्य जब शनि अस्त होगा तो उस समय सतर्क रहने की आवश्यकता है। आपको सलाह दी जाती है कि इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय न लें। वैसे दैनिक कार्यों और जरूरतों की पूर्ति में समस्या नहीं आएगी। बाकी समय, 12 नवंबर से लेकर साल के अंत तक बहुत ही उत्साहवर्धक रहेगा।
नई बातें घटने लगेंगी और जटिल समस्याओं के हल प्राप्त होंगे। प्रोफेशनल और व्यक्तिगत जीवन सुचारु चलेगा। यह समय आमूलचूल परिवर्तन का है जहां बहुत सी नयी चीजें घटित होंगी जो आने वाले वर्षों में मददगार सिद्ध होंगी।
कन्या राशि वालों के लिए शनि का गोचरीय भ्रमण द्वितीय भाव से पंचमेश व षष्टेश होने से वाणी के प्रभाव से लाभ रहेगा। सन्तान का सहयोग भी रहेगा। परीक्षाओं में सफल भी होंगे। वाहनादि सावधानी से चलाएं। आय के मामलों में मिलीजुली स्थिति रहेगी।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
कन्या को उतरती साढे़साती रहेगी। कन्या को लाभकारी रहेगी।
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
तुला राशि — रा,री,रू,रे,रो,ता,ती,तू,त
तुला राशि की विशेषतायें - तुला सातवीं राशि है और शुक्र द्वारा संचालित है तुला राशि वाले गोरे रंग के, मध्यम आकार के कद वाले, चौड़े मुख वाले, सुंदर आवेगहीन, सुस्त, कामुक स्वभाव वाले होते हैं. आप आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी है आप आदर्शवादी है, स्वभाव से चतुर और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करने वाले होते हैं आपका न्याय पूर्ण स्वभाव है। तथा स्वयं से संतुलित और समता पूर्ण व्यवहार की अपेक्षा रखते है.
आप शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे लेकिन आपने जो हासिल किया है उससे आप थोड़े बेचैन और असंतुष्ट भी हो सकते हैं आप अधिकतर बेहतरीन और साहसिक अवसरों की तलाश में रहेंगे।
आप गहरी दूरदर्शिता के साथ यथार्थवादी और अधिक से अधिक आदर्शवादी होते हैं. आप सदाचारी प्रकृति के व्यक्ति है. आप विचारशील व्यक्ति है. आप के स्वभाव में चंचलता है आप दूसरों के हितों की अवहेलना होते नहीं देख सकते है आपके स्वभाव में संतोष का भाव निहित रहता है आप भगवान पर विश्वास रखने वाले, विनम्र और एक अच्छे जीवन साथी होते हैं।
जनवरी—तुला राशि वालों जातको के लिए 1 जनवरी से 10 फरवरी का समय अनुकूल रहेगा। आप के बहुत सारे रूके कार्य शीघ्र ही पूरे हो जायेंगे। जो लोग किसी प्रमोशन से जुड़े हैं उनके लिए यह समय काफी उत्तम रहेगा। बहुत से लोगों को धार्मिक यात्रा करने का अवसर प्राप्त होगा। प्रथम घर में शनि रहने के कारण पत्नी के प्रति उदासीनता के भाव उत्पन्न हो सकते हैं, परन्तु मकान व वाहन आदि से सम्बन्धित लाभ होने की सम्भावना है। शेयर मार्केट से जुडे़ लोगों के लिए यह मास अत्यधिक लाभकारी साबित होगा। नौकारी वाले लोगों को सरकारी मामलों में सावधान रहने की आवश्यकता है। जो लोग रक्तचाप, शुगर के मरीज हैं यो अपने आहार पर विशेष ध्यान दें। आपके उत्साह में वृद्धि होगी और कुछ कर गुजरने की योग्यता का प्रर्दशन करेगें। आमदनी की उतनी बढ़ोत्तरी नहीं होगी। जितनी आप अपेक्षा करेंगे। किसी महिला के कारण खर्च बढे़गा। हृदय रोग से पीडि़त जहां तक विशेष सावधानी बरतें। आपके परिवार में अचानक मतभेद उत्पन्न होगे। प्रेम के मामलें में आप अग्रेसिव हो सकते है।
फरवरी—11 फरवरी से 10 मार्च के मध्य में तुला राशि वालों के लिए यह महीना अच्छा साबित होगा। इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े हुए लोगो के लिए पदोन्नति की सम्भावना है। विद्यार्थी वर्ग के लिए यह समय काफी शानदार रहेगा। सन्तान की प्रगति में अड़चने समाप्त होगी, परन्तु आपको क्रोध बहुत आयेगा और चिडचिड़ापन भी पैदा हो सकता है। नौकरी पेशा वालों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। महिलाओं को इस समय नये कार्य नहीं करने चाहिए क्योंकि श्रम अधिक करना पडे़गा और उसके मुकाबले लाभ कम मिलेगा। परिवार में पिता या बुजुर्ग के स्वास्थ्य में समस्याओं में अनुकूलता आयेगी जिसे कारण मन प्रसन्न हो सकता है। जीवन में प्रेम के महत्व के विचार आयेंगे।
मार्च—11 मार्च से 15 अप्रैल के मध्य इस राशि वाले इन दिनों शनि के प्रभाव में रहेंगे। अतः ये लोग काले घोड़े की नाल का छल्ला धारण करें। जो कार्य आप करने जा रहें है, वह आपकी अपेक्षा के अनुरूप नही है। इस समय आपके शत्रुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी और आप पर हावी होने का प्रयास करेंगे। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में महिलाओं को कोई लम्बी यात्रा करनी पड़ सकती है। जो लोग किसी प्रोफेशन से जुड़े हैं उनकों अवसर आने का इंतजार करना होगा। पारिवारिक माहौल थोड़ा तनाव ग्रस्त रहेगा। नये कार्य आरम्भ करने पर पूरा तो होगा। लेकिन कठिन परिश्रम करना पड़ेगा। कुछ लोगों को प्रेम के प्रति घृणा महसूस हो सकती है।
इस तिमाही में तुला राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक रूप से बहुत अच्छा है और पैसों व वित्त संबंधी मामलों में भाग्यशाली समय है। गोचर में मंगल लाभ भाव में स्थित है इस कारण जो लोग वित्त, बैंकिंग या बोर्डिंग जैसे कार्यों में लगे हुए हैं उनके लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से मजबूत रहेगा जो लोग प्रशिक्षण, व्यापार और वाणिज्यिक मामलों से संबंधित कार्यों में हैं उन्हें बुध के धन भाव में गोचर करने से धन की प्राप्ति होगी यह समय संपन्नता से भरा रहेगा इस अवधि के दौरान कुछ धन दान और सामाजिक उद्देश्यों पर भी खर्च किया जाएगा ।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का तुला राशि पर प्रभाव :
तुला राशि : शनि 15 नवंबर 2011 को आपकी राशि में अगले ढाई साल के लिए आ गया है। यह आपकी राशि से 30 वर्षों के बाद गुजर रहा है।
जिस दिन शनि तुला राशि में प्रवेश करेगा उससे 16 मई 2012 तक आपकी राशि में रहेगा। शनि 8 फरवरी 2012 को वक्रगति को प्राप्त होगा और 16 मई 2012 को कन्या राशि में प्रवेश करेगा। इस दौरान शनि दो प्रकार के परिणाम प्रदान करेगा।
पहला पैटर्न नवंबर से फरवरी 2012 तक होगा। आपको अपने विचारों को क्रियान्वित करने में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा जिनमें काफी प्रगति हो चुकी थी। संतोषजनक परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको अपनी योजनाओं और कार्य प्रणाली में फेरबदल करने की नितांत आवश्यकता है।
बिना पूर्व सोच विचार के कोई नया निवेश नहीं करना चाहिए। शनि 8 फरवरी 2012 को वक्री हो जाएगा और 16 मई 2012 को कन्या राशि में प्रवेश करेगा। इस दौरान आपको सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस समय लिए गए गलत निर्णय महंगे साबित होंगे।
आपका या किसी परिजन का स्वास्थ्य चिंता का विषय हो सकता है। जो लोग स्टॉक मार्केट से जु़ड़े हैं उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। 16 मई से 4 अगस्त 2012 के मध्य का समय एक अच्छी शुरूआत देगा। आपकी कुछ योजनाएं बिना किसी झंझट के क्रियान्वित हो सकती है।
मित्र शुभचिंतकों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। लंबी दूरी की यात्राएं आपके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। संपत्ति संबंधी यदि कोई मामला कोर्ट में चल रहा है तो उसको फैसला आपके पक्ष में हो सकता है।
शनि 4 अगस्त 2012 को वापिस तुला राशि में आ जाएगा और फिर पूरे साल यहीं पर रहेगा। इस दौरान शनि अधिकतर अच्छे परिणाम ही प्रदान करेगा। जो बाधाएं और झंझट पहले आ रहे थे वो अब तंग नहीं करेंगे। 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
साधारण रूप से यह उत्साहवर्धक समय है। आपको परिवार और बच्चों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि आप उनके साथ समय व्यतीत करेंगे और इन मसलों पर ध्यान देंगे तो ये आपके लिए मददगार सिद्ध होंगे।
परिजनों के साथ अर्थपूर्ण बातचीत करेंगे और उन्हें कार्यों में लगाएंगे तो इससे आपको अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को हल करने में काफी मदद मिलेगी।
तुला राशि वालों के लिए शनि राशि से ही भ्रमण चतुर्थेश व पंचमेश होकर करने से प्रभाव में वृद्धि, नवीन कार्य होंगे। सन्तान से लाभ, माता, भूमि, भवन, जनता के कार्यों से लाभ रहेगा। जीवनसाथी से चिंता भी रहेगी। राज्य, व्यापार, नौकरी आदि में सफलता रहेगी।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
तुला को मध्य से साढ़ेसाती रहेगी। तुला को लाभकारी रहेगी।
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
वृश्चिक राशि — तो,ना,नी,नू,ने,नो,या,यी,यू
वृश्चिक राशि की विशेषतायें - वृश्चिक राशि के व्यक्ति देखने में युवा, उदार स्वभाव के और बड़ी-बड़ी आँखों वाले होते हैं। वृश्चिक राशि के लोग व्यंग्यात्मक और आवेगी होते हैं। वृश्चिक राशि की महिलाओं में पुरूष भाव अधिक दिखाई पड़ता है। इन्हें प्रभावित करना बहुत कठिन होता है।
आप दिखने में सुंदर हैं हड्डियाँ अच्छी तरह से विकसित होती हैं और आंखें बड़ी-बड़ी होती है आप कद में लम्बे और सशक्त व्यक्तित्व के होते हैं आपको कब्ज और बवासीर कि शिकायत हो सकती है।
आप उदार स्वभाव रखते हैं आप अत्यधिक चंचल प्रवृति के व्यक्ति हैं और इस कारण आप प्यार में उत्साहित रहते हैं। कामुक सुख की ओर प्रवृत्त होते हैं। इसे दूर करने का प्रयास करें। आप अकसर क्रूर भी हो सकते हैं आपको अपने विश्वास भाव में वृद्धि करने का प्रयास करते है आप परम्पराओं में कम विश्वास रखते है स्वतन्त्र रुप से कार्य करने की चाह होने के कारण आप अपने कार्यो में दूसरों का हस्तक्षेप पसन्द नहीं करते है आप ललित कला और नृत्य में कुशल हैं. आप एक अच्छे वक्ता और लेखक हो सकते हैं।
जनवरी- इस राशि वाले जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रकोप चल रहा है, अतः 1 जनवरी से 31 जनवरी के मध्य इस राशि वालों के लिए यह महीना थोड़ा कष्टकारी रहेगा। व्यापार व्यवसाय में वृद्धि होगी जो लोग कर्ज-ब्याज आदि कार्य करते हैं। उन्हें तनाव रहेगा। जो लोग कब्ज या पाइल्स के रोगी है। उनकी समस्या बढे़गी। राशि वालों को आलस्य सतायेगा फिर भी अपने कार्य क्षेत्र में किये गये कार्यो में सफलता प्राप्त होगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें अन्यथा कोई दुर्घटना घट सकती है। अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। लेकिन कार्यों में सफलता प्राप्त होगी। पति पत्नी में तनाव की स्थिति रहेगी। शनि की साढ़ेसाती प्रगति में बाधा पहुचाएगी। नये व्यापार में वृद्धि होगी परन्तु नौकरो से सावधान रहने की आवश्यकता है प्रसाशनिक अधिकारियों से सहयोग मिलेंगा जिससे बिगडें हुए कार्य पूर्ण होंगे। नवयुवक अनचाहे मित्रों से सावधान रहें। प्रेम के मामलें समय उचित नहीं है।
फरवरी—1 फरवरी से 28 फरवरी के बीच का समय वृश्चिक राशि वालों के लिए सामान्य रहेगा। जो लोग दूरसंचार कम्पनियों में है। उनका स्थानान्तरण होने की सम्भावना है। कुछ लोगों को घर-मकान व वाहन आदि के योग बन रहे है। स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी रखें। परिवार में मांगलिक कार्य होगें। किसी नये कार्य को करने से पहले अपने जीवन साथी से विचार विमर्श अवश्य कर लें तभी आपको सफलता प्राप्त होगी। ससुराल पक्ष से आर्थिक सुख व सहयोग मिल सकता है। घर से निकलते समय मीठा खाकर ही निकलें। किसी खोई हुई वस्तु की प्राप्ति होगी। मित्रों व रिश्तेदारों से सम्बन्धों में मधुरता रखें। नयी कार्य योजनाओं को शीघ्र ही प्रारम्भ करें। नवयुवकों को प्रेम के प्रति लगाव रहेगा।
मार्च—1 मार्च से 31 मार्च के मध्य वृश्चिक राशि वालों का यह महीना कुछ अच्छा प्रतीत होगा। अधिकतर लोगों के घर मकान, वाहन आदि के योग बनेगे। विद्यार्थी वर्ग को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त होने की सम्भावना है। कर्मचारी वर्ग का प्रमोशन होगा। इस राशि वालों को पैर पीड़ा से सावधान रहना चाहिए। कुछ कार्यो को लेकर मन चिन्ताग्रस्त रह सकता है। वृश्चिक राशि वाले लोंगों को लग्जीरियस चीजों से लाभ होने की सम्भावना है। सामाजिक कार्यों से मान प्रतिष्ठा में लाभ होगा लेकिन आपसी विवादों से बचना ही हितकर रहेगा। मंगलवार के दिन मीठे का दान करें। मार्च के अन्तिम सप्ताह का समय कार्य व व्यापार में वृद्धि करायेगा। महिलायें जरा सी चूक करने पर परेशानी में फंस सकती है। मामा पक्ष से सहयोग मिलने की सम्भावना है। क्रोध पर नियंत्रण रखें। नवयुवकों के कार्य क्षेत्र में उन्नति होगी। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत रहेगी। रोग से बचें। नवयुवक अपने कार्यो के प्रति सचेत रहें एंव अपनी प्रेमिका के प्रति उदासीनता न रखें।
January 2012 to March 2012 पैसे और वित्त के मामले में समय अनुकूल है। जो लोग कानूनी पेशे में हैं उनके लिए समय भाग्यशाली होगा । अवैध स्रोतों से कमाई कर रहे हैं उनके लिए समय अनुकूल है कालाबाजारी, जुआ, संदिग्ध कार्यों के माध्यम से धन की आमद हो सकती है यदि आपकी जन्म कुंडली में दूसरा भाव बली अवस्था में नहीं है तो आपको कानून का उल्लंघन करने पर या विश्वासघात करने पर सजा के सुनाई जा सकती है।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का वृश्चिक राशि पर प्रभाव :
वृश्चिक राशि : शनि 15 नवंबर से 8 फरवरी 2012 के मध्य सीधी गति से चलेगा और तुला राशि से गुजरेगा जो आपका बारहवां भाव है। जहां तक योजना और स्कीम बनाने और नए वातावरण में घुलने मिलने का संबंध है तो इसके लिए यह बहुत अच्छा समय है। आप किसी बड़े कार्य की योजना बना सकते है या अपनी रिसर्च प्रारंभ कर सकते हैं जो बीच में रुक गई थी।
लंबे समय की सारी गतिविधियां इस समय प्रारंभ की जा सकती हैं। जहां तक वर्तमान प्रोफेशन या कैरियर का संबंध है वहां स्थितियों को अपने पक्ष में करने के लिए आपको अतिरिक्त ध्यान देने की आवश्यकता है। कभी-कभी विघ्न और बाधाओं के चुनौतियां आएंगी लेकिन यदि आप सजग हैं तो आप इन कठिनाईयों से आसानी से निपट लेंगे। धन संबंधी मामलों में सावधानी बरतें। यदि प्रॉपर्टी या फिक्स्ड एसेट्स में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो ऐसा करने के लिए समय अच्छा है।
फरवरी और अगस्त के मध्य आपको कई अवसर प्राप्त होंगे और अलग प्रकार की स्थिति उभर सकती हैं। फरवरी के बाद अचानक धन के आगमन में वृद्धि होगी। आपकी कुछ योजनाएं जिन पर आप पिछले काफी समय से काम कर रहे थे वे अब चालू हो सकती हैं।
आपके सामाजिक और प्रोफेशनल दायरे का विस्तार होगा और यह आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि करेगा। मित्र और यात्रा कारगर सिद्ध होंगे। पारिवारिक जीवन शांतिपूर्ण रहेगा और परिवार में कोई उत्सव भी संपन्न हो सकता है। जो लोग नौकरी में बदलाव चाह रहे हैं उन्हें आसानी से अच्छी नौकरी प्राप्त हो जाएगी।
शनि 4 अगस्त 2012 को तुला राशि में प्रवेश करेगा और कुल मिलाकर यह शनि आपको अच्छे परिणाम ही देगा। यदि आप ठीक से आंकलन करेंगे तो निश्चित रूप से कुछ कमियां मिलेगी जिनको दूर करने की नितांत आवश्यकता है।
यदि आप समय पर ऐसा कर पाएं तो आपके लिए अति उत्तम कार्य होगा और यदि आपने ऐसा नहीं किया तो यह आपके लिए महंगा साबित होगा। शनि 9 अक्टूबर और 12 नवंबर 2012 के मध्य अस्त रहेगा। इस समय सावधानी रखें, विशेषकर उच्चाधिकारी और उन लोगों से व्यवहार करते समय जो आपके जीवन में बहुत महत्व रखते हैं। अपने व्यवहार के प्रति सजग रहें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि का गोचरीय भ्रमण द्वादश भाव से तृतीयेश व चतुर्थेश होने से पराक्रम द्वारा ही सफलता के योग हैं। किसी महत्वपूर्ण कार्य में भाई की सलाह या मदद ठीक रहेगी। पारिवारिक स्थिति ठीक-ठीक ही रहेगी। शत्रु पक्ष से बचकर चलना होगा। शनि की साढे़साती प्रारंभ होगी, जो लाभकारी भी रहेगी। भाग्य व धर्म के मामलों में मिलीजुली स्थिति रहेगी।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव वृश्चिक को लगती साढ़ेसाती रहेगी । वृश्चिक को चिंताजनक रहेगी।
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
धनु राशि — ये,यो,भा,भी,भू,धा,फा,दा,भे
धनु राशि की विशेषतायें - धनु राशि गुरू द्वारा संचालित होती है यह एक पवित्र ग्रह है इस राशि के लोग कभी औपचारिक और कभी पारंपरिक दिखाई देते हैं। आप दार्शनिक हैं और मनोगत विज्ञान के लिए झुकाव रखते हैं इसके साथ ही साथ आप मानवीय और थोड़ा आवेगी होते हैं। आप उद्यमी हैं शारीरिक रूप से, आप थोडे़ मोटे हो सकते हैं आप में से ज्यादातर लोग बादामी आँखों और भूरे रंग के बाल वाले होते हैं आप की मुस्कान अच्छी लगती है आपके दाँतों कि बनावट भी खूबसूरत होती है आम तौर पर, धनु राशि के लोग सुस्त स्वभाव के होते हैं यह पारंपरिक और रूढ़िवादी विचारों का समर्थन करते हैं सहानुभूति और प्यार करने वाले होते हैं। धनु राशि के व्यक्ति कभी कभी अधिक बेचैन और चिंतित भी हो जाते हैं इन्हें पाखंड और दिखावा पसंद नहीं है यह लोग भगवान को मानने वाले और ईमानदार होते हैं।
जनवरी—1 जनवरी से 31 जनवरी के बीच धनु राशि वाले जातको के एकादश भाव में शनि होने के कारण अचानक लाभ होने की सम्भावना है। लेकिन नौकरी वाले व्यक्ति अपने बॉस से सावधानी बरतें। वृश्चिक राशि में राहु होने के कारण कर्ज व ब्याज आदि से सावधान रहें। जो लोग साथ में सहयोग का कार्य करते है। उनकी उन्नति होगी। धार्मिक कार्यो में धन खर्च होगा। विवाद में विजय मिलेगी। नौकर चाकर से सावधान रहें। आपको भरपूर भाग्य का सहारा मिलेगा। बहुत से लोगों के विवाह के योग बनेगे। आर्थिक स्थिति में वृद्धि और रूके कार्यों में प्रगति होगी। नौकरी पेशा लोगों को पद प्रतिष्ठा आदि का लाभ होगा। जिन लोगों का धन कही फंसा हुआ है। प्राप्त होने के योग बनते है। धार्मिक कार्यो पर धन का व्यय होगा तथा धार्मिक यात्राओं के योग बनेगें। परिवार में बड़ो को स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा नहीं हैं। जो लोग वात रोग से पीडि़त है उन्हें इस दिनों पूरी सावधानी रखनी होगी। नवयुवक अपने कैरियर को लेकर काफी चिन्तत रहेंगे। प्रेम में सफलता मिलेगी।
फरवरी—फरवरी महीने में धनु राशि वालों को कार्य व व्यापार में अवसर प्राप्त होंगे। किसी मित्र के सहयोग से नई योजनायें बनेगी। जिनमें सफलता प्राप्त होगी। द्वादश स्थान में राहु रहने से किसी से ऋण न लें अन्यथा मुसीबत में फंस जायेंगे। कुछ लोगों को नींद से सम्बन्धित समस्या उत्पन्न हो सकती है। फरवरी के प्रथम सप्ताह में यात्रा या चलने फिरने वाले कार्य क्षेत्र के लिए समय विशेष अच्छा रहेगा। आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले मजबूत रहेगी। घरेलू तनाव कम होगे। नौकरी पेशा लोगों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। विद्यार्थी वर्ग कुछ तनाव में होगा। आय में वृद्धि होगी। जो लोग साझे सहयोग का कार्य कर रहे है उनके लिए समय अच्छा है। घरेलू मामलों में तनाव रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा नहीं हैं। प्रेम सम्बन्ध में सामंजस्य बिठाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
मार्च—मार्च के मध्य का समय धनु राशि वालों के लिए मिला-जुला रहेगा। इन्हें अपने मान-प्रतिष्ठा केे प्रति सावधानी को आवश्यकता है। शरीर के किसी भाग पर अचानक चोट लग सकती है। धनु राशि वालों का स्वभाव इस माह चिडचिड़ा रहेगा। जो लोग शेयर मार्केट और मशीनरी का कार्य करते है। उन्हें इस समय सावधानी बरतनी चाहिए। आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा मजबूत होगी। स्वास्थ्य के मामलें में यह समय अच्छा नहीं है। चोट या आपरेशन भी संभव है। यह समय सन्तान के लिए भी हितकारी नहीं है। जो लोग नौकरी पेशा में हैं उनको पद और प्रतिष्ठा का लाभ होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा नहीं रहेगा जो लोग शेयर बाजार या सटटे का कार्य करते है। उनके लिए यह समय मध्यम श्रेणी का रहेगा। मार्च के अन्तिम सप्ताह में लोगों को धन की आकस्मिक प्राप्ति होगी। सरकारी तंत्र से सावधानी बरतें। प्रेम समबन्ध में कुछ मधुरमा आयेगी।
January 2012 to March 2012 पैसे और वित्त के मामले में वर्ष की सर्वश्रेष्ठ अवधि है धन भाव का स्वामी लाभ भाव में स्थित है और लाभ भाव का स्वामी धन भाव में स्थित है धन भाव और लाभ भाव के स्वामीयों का आपस में परिवर्तन योग बन रहा है इसके द्वारा धन लाभ मिलेगा और आपके पक्ष में होगा आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी और आप संपन्नता को प्राप्त कर सकेंगे धन का आगमन आपको सौभाग्य से भर देगा आपको खुशी और संतुष्टि प्राप्त होगी धन बड़ी मात्रा में प्राप्त होने के संकेत मिल रहे हैं आपको दूसरों के माध्यम से भी धन लाभ प्राप्त होगा.
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का धनु राशि पर प्रभाव :
धनु राशि : शनि का बदलाव आपके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। शनि यहां आपकी राशि से सेक्सटाइल बना रहा है जिसको बहुत अच्छा माना जाता है। जब ग्रहों के मध्य सेक्सटाइल बनता है तो उस समय को जीवन के उत्तम समय में गिना जाता है।
15 नवंबर से 8 फरवरी 2012 के दौरान शनि सीधी गति से चलेगा। यह समय बहुत महत्वपूर्ण है। आपकी कोई महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ हो सकती है। एक कार्पोरेट बिजनेसमैन और उद्योगपति के रूप में आप बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे। यदि कार्पोरेट से बड़े फाइनेंस की तलाश में हैं तो आपको निराश नहीं होना पड़ेगा। नौकरी की तलाश में हैं तो आपको सफलता प्राप्त होगी।
8 फरवरी 2012 से 26 जून 2012 के मध्य का समय आपके लिए विभिन्न रूप में प्रासंगिक है। यह समय आपको चेतावनी देता है कि जो कुछ कमियां रह गई है उन्हें दूर करने की आवश्यकता है।
एक तरह से यह भगवान के द्वारा निर्मित स्थिति है जो उनमें लिप्त न होकर अपनी कमियों को दूर करने में मदद करती है। अपनी योजनाएं दोबारा बनाई जा सकती है और अपने खर्चों में कमी करनी चाहिए और स्थितियां को ठीक करना चाहिए। इस दौरान किसी संस्थान या सरकार से मदद चाह रहे हैं तो वो भी आसानी मिल जाएगी। नौकरीपेशा लोगों की पदोन्नति या नौकरी में बदलाव हो सकता है।
26 जून 201 2 को शनि डायरेक्टीव यानी मार्गी हो जाएगा और 4 अगस्त 2012 को दोबारा तुला राशि में प्रवेश कर जाएगा। यह बहुत अच्छा समय है जो आपकी प्रोफेशनल गतिविधियों को आवश्यक गति प्रदान करेगा।
शनि 4 अगस्त 2012 को तुला राशि में प्रवेश करेगा और वर्ष के अंत तक इसी राशि में रहेगा। जैसे ही यह तुला राशि में वापिस आ जाएगा तो यह अच्छे संबंध स्थापित करना प्रारम्भ कर देता है। महत्वाकांक्षी योजनाएं प्रारंभ की जा सकती हैं और पूर्व में किए गए प्रयास अब उत्साहवर्धक परिणाम देने लगेंगे।
धन का अच्छा आगमन होगा और आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। विदेश की काफी यात्राएं होंगी जो बहुत ही फलदायी सिद्ध होंगी। पारिवारिक जीवन सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण रहेगा और परिवार में कोई उत्सव भी संपन्न हो सकता है। आपके सामाजिक दायरे का विस्तार होगा और आपके व्यक्तित्व में भी बढ़ोतरी होगी। शनि 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 तक अस्त रहेगा। यह समय बहुत अच्छा नहीं है।
धनु राशि वालों के लिए शनि का गोचरी भ्रमण द्वितीयेश व तृतीयेश होकर एकादश भाव से भ्रमण करने से धन कुटुंब, वाणी के प्रभाव से लाभ मिलेगा, धन की बचत भी कर पाएंगे। भाईयों का सहयोग मिलेगा, मित्र से भी अनुकूल स्थिति पाएंगे। विद्यार्थी वर्ग सावधानी से बरतें। पढ़ाई पर अधिक ध्यान दें। स्वास्थ्य ठीक ही रहेगा, आयु उत्तम रहेगी।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
मकर राशि — भो,जा,जी,खी,खू,खे,खो,गा,गी
मकर राशि की विशेषतायें - मकर राशि के लोग स्वभाव से सहानुभूति, उदार भाव लिए, संकोची, तामसिक प्रवृत्ति के और चालाक होते हैं यह लंबे कद के पतले होते हैं चहरे पर लालिमा लिए होते हैं इनकी भौहों और छाती के बाल कड़े होते हैं सिर बड़ा है और चेहरा चौड़ा होता है इनके दाँत बड़े और नाक लंबी होती है शरीर पतला और हष्ट पुष्ट होता है।
आम तौर पर, आप स्वयं को परिस्थितियों के अनुसार ढाल लेते हैं आपका जीवन महान आकांक्षाओं से भरा होता है लेकिन आप इसके लिए बचत नहीं करते आपके स्वभाव में दिखावा अधिक होता है. शनि के पीड़ित होने के कारण आप तामसिक प्रवृत्ति के हो सकते हैं. आप हर किसी को प्रोत्साहित करने में सक्षम हैं. लेकिन अपने जीवन साथी के साथ समायोजन करने में असमर्थ हैं आप परिश्रमी होते हैं और अक्सर बातूनी कहलाते हैं आपका अपनी जीभ पर कोई नियंत्रण नहीं है।
जनवरी—01 जनवरी से 31 जनवरी के मध्य का समय अनुकूल रहेगा। इनके बहुत से रूके हुए कार्य पूरे होगें। जो लोग किसी प्रोफेशन से जुड़े हैं उनके लिए यह समय काफी अच्छा रहेगा। सप्तम भाव में मंगल होने के कारण विवादों से बचना ही हितकर रहेगा। जो लोग शेयर मार्केट और मशीनरी का कार्य करते है। उन्हें इस समय सावधानी बरतनी चाहिए। आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा मजबूत होगी। स्वास्थ्य के मामलें में यह समय अच्छा नहीं है। चोट या आपरेशन भी संभव है। यह समय सन्तान के लिए भी हितकारी नहीं है। जो लोग नौकरी पेशा में हैं उनको पद और प्रतिष्ठा का लाभ होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा नहीं रहेगा जो लोग महिलाओं के लिए उनके समय मध्यम श्रेणी का रहेगा। नवयुवक अपने प्रेम सम्बनधोंको लेकर उलझन की स्थिति में रहेंगे।
फरवरी—1 फरवरी से 28 फरवरी के मध्य का समय सामान्य रहेगा। नौकरी वाले जातको का प्रमोशन होने की सम्भावना है। मकर राशि वालों के लिए गुरू अत्यन्त फलदायक साबित होगा। लेकिन जिन लोगों की गुरू की महादशा चल रही है। उनके लिए यह परेशानियां पैदा करेगा। सरकारी तंत्र से सावधानी बरतें। परिवारिक सुखों के लिए यह समय श्रेष्ठ साबित होगा। नौकरी पेशा वालों को पदोन्नति के योग बन रहे है। पाइल्स रोगी अपने स्वास्थ्य पर विशेष सावधानी बरतें अन्यथा कष्ट उठाना पड़ सकता है। आर्थिक स्थितियों में प्रगति होगी। फरवरी का अन्तिम सप्ताह आपके लिए मिला जुला फल देगा। अपने लोगों के द्वारा सताये जाने की आशंका है। यदि कहीं पर विवाद में फंसे हुए है। तो बाहर निकलना कठिन रहेगा। प्रेम के मामलों में धैर्य बनायें रखना ही उचित है।
मार्च—1 मार्च से 31 मार्च के बीच का समय आमदनी में वृद्धि करायेगा। परिवार में सुख व समृद्धि रहेगी, नवीन योजनायें बनेगी। किसी चीज की चोरी होने की आशंका है। स्त्री सुख में बाधा उत्पन्न हो सकती है। मकान वाहन पर खर्च के योग बन रहे है। आप अपने किसी नजदीकी सहयोगी के द्वारा परेशानी में पड़ सकते है। इस सयम आपको कुछ यात्रायें भी करनी पड़ सकती है। जिसकी वहज से आपके स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है। स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरते। जहां तक कार्य की बात है। वह अच्छा चलता रहेगा। इसलिए आर्थिक स्थिति में सुधार रहेगा। घरेलू माहौल में तनाव की संभावना बनेगी। आपको अपने मित्र या रिश्तेदारों से सावधानी बरतने की आवश्यकता है। महिलाओं का अनावश्यक कार्यो पर धन का व्यय होगा। प्रेम सम्बन्धों में सफलता प्राप्त होगी।
January 2012 to March 2012 इस अवधि के दौरान मकर राशि वालों को धन कमाने में अत्यधिक परिश्रम करना पड़ सकता है और अपने कठिन काम के माध्यम से बहुत कुछ अर्जित करेंगे इस समय आपका लोन भी पास हो सकता है इस समय विदेशी स्रोतों से धन संभव है बुध कि स्थिति आपकी धन और संपदा से संबंधित इच्छाओं की पूर्ति दर्शाता है यदि इस समय मंगल की दशा और अंतर दशा चल रही हो तो इस समय धन की हानि हो सकती है।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का मकर राशि पर प्रभाव :
मकर राशि : आपकी राशि में शनि 15 नवंबर से 8 फरवरी 2012 के मध्य डायरेक्टीव यानी मार्गी रहेगा। इस समय आप अति व्यस्त रहेंगे। आपके दिमाग में नए विचार आएंगे जिन्हें आप कार्यरूप भी प्रदान करना चाहेंगे। इस संबंध में आप बाहर से किसी की मदद की उम्मीद करते हैं तो वह भी आसानी से मिल जाएगी। व्यवसाय से जु़ड़े हैं तो वहां आप बहुत अच्छा करेंगे।
इस दौरान आप प्रॉपर्टी या वाहन आदि खरीदने का भी मन बना सकते हैं। पैतृक संपत्ति को लेकर यदि कोई मामला कोर्ट कचहरी में चल रहा है तो उसका फैसला आपके पक्ष में संपन्न हो जाएगा। आपको काफी यात्राएं करना पड़ेंगी और वे लाभदायक भी रहेंगी। आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहेगी।
8 फरवरी 2012 को शनि वक्रगति को प्राप्त होगा और वक्रगति से चलते हुए 16 मई 2012 को कन्या राशि में प्रवेश करेगा। फरवरी और जून के मध्य आपको बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त नहीं होंगे।
अपनी योजना और स्कीम और आवश्यक समझौता करने में आपको अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि किसी प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं तो अपने प्रयासों में गहनता लाने की पूर्ण आवश्यकता है।
शनि 26 जून 2012 को डायरेक्ट हो जाएगा और 4 अगस्त 2012 को फिर से तुला राशि में प्रवेश करेगा। यह एक बहुत अच्छा पीरियड है जो आपमें पैदा हुए भय को दूर करने में मदद करेगा।
कुछ नए लोगों से आपकी मुलाकात होगी जो आपकी स्कीम और प्रोजेक्ट्स में मददगार रहेंगे। परिवार में विवाह या शिशु जन्म भी संपन्न हो सकता है।
4 अगस्त 2012 को शनि तुला राशि में प्रवेश करेगा और साल के अंत तक वहीं विचरण करेगा। यह माह आपको अच्छा परिणाम प्रदान करेगा। प्रोफेशनल्स, आर्टिस्ट, उशेगपति इस समय बहुत तरी करेंगे। यदि विदेश में नौकरी या शिक्षा प्राप्त करना चाह रहे हैं तो आपका यह कार्य भी बन जाएगा।
प्रॉपर्टी संबंधित लम्बित मसले आपसी सहमति से हल हो जाएंगे। यदि सरकार या किसी वित्त संस्थान से लोन लेना चाह रहे हैं तो आपका कार्य सिद्ध होगा। आप अपनी एक अलग ही छवि बनाने में सफल रहेंगे जो आने वाले समय में मददगार सिद्ध होगी।
शनि 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य अस्त रहेगा। अधिकतर अस्त शनि इच्छित परिणाम नहीं देता। आपको इस दौरान अति सतर्क रहने की आवश्यकता है।
शनि 9 अक्टूबर से 12 नवंबर 2012 के मध्य अस्त रहेगा। अधिकतर अस्त शनि इच्छित परिणाम नहीं देता। आपको इस दौरान अति सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मकर राशि वालों के लिए शनि का गोचरीय भ्रमण दशम भाव से होकर लग्न व द्वितीयेश होने से स्वप्रयत्नों से उत्तम सफलता मिलेगी। पराक्रम बढ़ेगा, धन कुटुंब का भी सहयोग रहेगा। माता के मामलों में सावधानी रखें। मकान, जमीन के सौदों में संभलकर चलें। जीवनसाथी से मिलीजुली स्थिति पाएंगे।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
कुंभ — गू,गे,गो,सा,सी,सू,से,सो,द
कुम्भ राशि की विशेषतायें - कुम्भ राशि के लोग दार्शनिक, उदार और अत्यधिक सहानुभूति रखने वाले होते हैं यह एक शिक्षक, लेखक, लेक्चरर के रूप में पैदा होते हैं यह बुद्धिमान, स्मृति में अच्छे और तथ्यों के साथ निपटने में सक्षम होते हैं।
शारीरिक रूप से आप लंबे, दुबले, सुन्दर, आकर्षक हैं और शिष्टाचार वाला व्यवहार रखते हैं. आपके गाल सुंदर व होंठ उभरे होते है शनि चौथे भाव में स्थित होने के कारण छाती कम चौड़ी और कमजोर होती है।
कुंभ दोस्त बनाने में जल्दी करते हैं आप जल्द ही गुस्सा और चिड़चिड़ा जाते हैं लेकिन आप का क्रोध जल्द शांत हो जाता है। आप एक अच्छे वक्ता और बातूनी होते हैं कभी कभी आपका व्यवहार कायरता से भरा लगता है शुरू में आप अपनी प्रतिभा को व्यक्त करने में शरमाते हैं आपको अपने परिवार से ज्यादा सुख नहीं मिलता ।
आपकी राशि के स्वामी शनि हैं आप एक सफल ठेकेदार, बिल्डर, चमड़े के उद्योगपति, यात्रा एजेंटों, मोटर पार्ट्स उद्योग, आदि के मालिक बन सकते हैं आप सरकारी विभागों में भी सफल हो सकते हैं।
जनवरी—1 जनवरी से 31 जनवरी के मध्य का समय प्रतिकूल रहेगा। जो लोग व्यापार में है। उनकी कमाई में कमी आयेगी। जिन लोगों का धन कही फंसा हैं उसे प्राप्त होने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जो लोग साथ में सहयोग का कार्य करते हैं। उन्हे सावधान रहने की आवश्यकता है। धार्मिक कार्यों में धन खर्च होगा। विवाद में विजय मिलेगी। नौकर चाकर से सावधान रहें। जनवरी के अंतिम सप्ताह में आपको थोडी राहत मिलेगी। बहुत से लोगों के विवाह के योग बनेंगे। आर्थिक स्थिति में वृद्धि और रूके कार्यों में प्रगति होगी। नौकरी पेशा लोगों को पद प्रतिष्ठा आदि का लाभ होगा। धार्मिक कार्यो पर धन का व्यय होगा तथा धार्मिक यात्राओं के योग बनेगें। परिवार में बड़ों का स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय अच्छा नहीं है। प्रेम के मामले में आपकी बात खराब हो सकती है।
फरवरी—01 फरवरी से 28 फरवरी के मध्य का समय सामान्य रहेगा। जिन लोंगो ने अभी नये कार्य आरम्भ किये है उनकी विशेष उन्नति होगी। कुछ लोग वात रोग से पीडि़त रहेंगे। फरवरी के द्वितीय सप्ताह में यात्रा या चलने फिरने वाले कार्य क्षेत्र के लिए समय विशेष तौर पर अच्छा रहेगा। आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले मजबूत रहेगी। घरेलू तनाव कम होंगे। नौकरी पेशा लोगों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। विद्यार्थी वर्ग कुछ तनाव में होगा। आय में वृद्धि होगी। जो लोग साझे सहयोग का कार्य कर रहे हैं उनके लिए समय अच्छा है। घरेलू मामलों में तनाव रहेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा नहीं हैं। कुछ लोग सरकारी कार्यों में उलझे रहेंगे, जिससे उनके आत्म-विश्वास में कमी आ सकती है। प्रेम सम्बन्ध सामान्यतः अच्छे रहेंगे।
मार्च—01 मार्च से 31 मार्च के मध्य का समय आपके लिये परिवर्तनशील रहेगा। अधिकतर लोंगो की नयी योजनायें बनेंगी, चाहे वह व्यापार हो या कोई प्रोफेशन हो। सर्विस में बदलाव की सम्भावना बनी रहेगी। स्वास्थ्य कुछ ढीला रहेगा। संतान की शिक्षा में प्रगति होगी। नौकरी वाले जातकों को बोनस की प्राप्ति तथा परिवार में मांगलिक कार्य होंगे। उत्साह में वृद्धि तथा रूके हुए कार्यों की पूर्ति हागी। मार्च का प्रथम सप्ताह इस राशि वालों के लिए सामान्य रहेगा। तीसरे घर में गुरु होने के कारण प्रतीक्षित कार्य पूरे होगें, उत्साह बढ़ेगा। परन्तु भूल से भी कर्ज का लेन-देन न करें। अन्यथा समस्या में पड़ जायेंगे। जो लोग कर्ज-ब्याज आदि कार्य करते हैं। उन्हें तनाव रहेगा। जो लोग कब्ज या गठिया के रोगी हैं, उनकी समस्या बढे़गी। प्रेम में परस्पर प्रेम बना रहेगा।
January 2012 to March 2012 कुंभ राशि के व्यक्ति अपने आप ही धनी हो जाते हैं क्योंकि दूसरे भाव का स्वामी गुरू है इस अवधि में आप विलासिता के आदी हो सकते हैं धन भाव का स्वामी तीसरे भाव में स्थित है इसके कारण आपको अपने भाई-बहनों से भी आर्थिक रूप से लाभ प्राप्त होगा इस तिमाही में आर्थिक स्थिति अच्छी रह सकती है आपको सरकारी सहयोग से धन की प्राप्ति भी हो सकती है जिसके लिए आपको अधिक प्रयास करने की आवश्यकता नहीं है।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का कुंभ राशि पर प्रभाव :
कुंभ राशि : अब चिंता की कोई बात नहीं अब यह आपके भाग्य भाव प्रोत्साहित करेगा और यहां अगले ढाई साल रहेगा। 15 नवंबर से 8 फरवरी के मध्य जब शनि सीधी गति से चलेगा तब यह आपके लिए अति महत्वपूर्ण रहेगा। भाग्य आपका साथ देगा। आपकी महत्वाकांक्षी योजनाएं जिनमें पहले अवरोध आ गए थे फिर से प्रारंभ हो जाएंगी।
जो लोग बिजनेस, कॉर्पोरेट या अन्य गतिविधियों से जु़ड़े हैं उन्हें उत्साहवर्धक परिणाम प्राप्त होंगे। यदि विदेश में कुछ करने की योजना बना रहे हैं तो आपको सफलता प्राप्त होगी। यह पीरियड आपको अति व्यस्त रखेगा और धनागमन में भी सुधार होगा।
यदि किसी प्रतियोगिता में बैठ रहे हैं तो आपको सफलता प्राप्त होगी। पदोन्नति या नौकरी में बदलाव की स्थितियां भी बन रही हैं। यदि पैतृक संपत्ति संबंधी कोई मामला कोर्ट कचहरी में विचाराधीन है तो उसका फैसला आपके पक्ष में हो जाएगा। पारिवारिक वातावरण सौहार्द्रपूर्ण रहेगा और परिवार में कोई समारोह भी संपन्न हो सकता है।
शनि 8 फरवरी को वक्री होकर 16 मई 2012 को कन्या राशि में प्रवेश करेगा। अचानक आपकी गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। ऐसा प्रतीत होगा कि जो चीजें आसानी से आगे बढ़ रही थी उनमें अचानक अजीबोगरीब स्थिति या चुनौतियां आ गई हैं। वास्तविक रूप से ये बुरा फेज इंगित करती हैं। चेतावनी के ये संकेत केवल आपको मदद करने के लिए हैं।
आपको कुछ यात्राएं भी करना पड़ेंगी और ये यात्राएं आपके पक्ष में वातावरण भी निर्मित करेंगी। 16 मई से 4 अगस्त 2012 के मध्य शनि कन्या राशि में वापिस जाएगा और इस दौरान वहीं पर रहेगा। जहां तक प्रोफेशनल कार्यों का संबंध है इस पीरियड में आपको एक प्रकार की असहजता का एहसास होगा। आर्थिक तंगी भी झेलनी पड़ सकती है।
आपके चलते प्रोजेक्ट्स में अवरोध आ सकते हैं। परिजन का व्यवहार या स्वास्थ्य चिंता का विषय हो सकता है। स्टॉक मार्केट में ज्यादा निर्लिप्तता आपको नकारात्मक परिणाम ही प्रदान करेगी।
4 अगस्त 2012 को दोबारा तुला राशि में शनि आएगा। कुल मिलाकर यह बहुत अच्छा पीरियड है। स्थितियों में परिवर्तन आने लगेगा और जो समस्याएं पहले आई थीं उनके समाधान मिलने लगेंगे। परिणाम का पैटर्न उत्साहवर्धक रहेगा। धन आगमन में भी काफी वृद्धि होगी। भाग्य भी आपका साथ देगा।
कुंभ राशि वालों के लिए द्वादशेश व लग्नेश होकर नवम भाग्य भाव से भ्रमण करने से भाग्यबल द्वारा सफलता के योग हैं। साथ ही महत्वपूर्ण कार्य भी बनेंगे। भाग्य साथ देगा, भाईयों के मामलों में सावधानी रखना होगी। शत्रु पक्ष प्रभावहीन होंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। पिता का सहयोग मिलेगा। देश-विदेश की यात्रा भी संभव है।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।
मीन — दी, दु, थ, झ, त्र, दे, दो, चा, ची
मीन राशि की विशेषतायें - मीन राशि के लोग अधिकतर जिद्दी, अत्यधिक धार्मिक, क्रमठ, उदासीन और रूढ़िवादी होते हैं मीन राशि वाले शारीरिक रूप से मध्यम आकार के मोटे, साँवले रंग के होते हैं।
आम तौर पर, आप सिद्धांतों के अनुयायी रूढ़िवादी हैं, तो आप धार्मिक रिवाजों और प्रथाओं के पालन में अंधविश्वासी, कठोर भी हो सकते हैं. आप महत्वाकांक्षी, बेचैन और इतिहास के शौकीन हैं आप पैसे खर्च करने में मितव्ययी होते हैं आप में आत्मविश्वास की कमी भी होती है।
साल 2012 में मीन राशि वाले जातक शनि की ढैया से प्रभावित रहेंगे। जिस वजह से साल भर उतारचढ़ाव बना रहेगा।
जनवरी—01 जनवरी से 31 जनवरी तक का समय सामान्य रहेगा। रोजगार के नये अवसर प्राप्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से मीन राशि वालों को सर्दी के रोग से सावधान रहने की आवश्यकता है। जिनकी गुरु की दशा चल रही है, उनके लिये समय विशेष अच्छा रहेगा। जो लोग कमीशन एंजेन्सी आदि के कार्य से जुड़े हुए हैं, उनके लिए साल का पहला महीना विशेष रूप से अच्छा जायेगा। पद प्रतिष्ठा आदि का लाभ मिलेगा। व्यापारी वर्ग को अच्छे लाभ के योग हैं, लेकिन जो जोग मशीनरी का काम करते हैं, उनको हानि होने की आशंका रहेगी। उत्साह में वृद्धि होगी। मकान वाहन आदि पर व्यय होगा। जो लोग इलेक्ट्रानिक या रियल इस्टेट के कार्य से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय उन्नति कारक होगा। स्वास्थ्य की दृष्टि की दृष्टि से समय अच्छा नहीं रहेगा। प्रेम सम्बन्धों में विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
फरवरी—01 फरवरी से 28 फरवरी के मध्य का समय मिला जुला रहेगा। जो लोग व्यापार के क्षेत्र में हैं, उनमें से अधिकतर की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन जो लोग नौकरी कर रहे हैं उन्हें अपने सीनियर्स से परेशानी होगी। धन का अपव्यय होगा। व्यापारी वर्ग को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। परिवार तथा आपसी लोगों के मध्य तनाव बढ़ेंगे। आय के मुकाबले व्यय ज्यादा रहेगा। स्वास्थ्य की समस्याएं प्रकट होगी। किसी अपरिचित व्यक्ति से विवाद होने की आशंका रहेगी। अचानक धन लाभ की भी संभावना है। कानूनी विवाद में विजय की सम्भावनाएं हैं। नवयुवक अनचाहे सम्बन्धों को ढोने का प्रयास न करें।
मार्च—01 मार्च से 31 मार्च का समय औसत दर्जे का रहेगा। शेयर से जुडे लोगों को सावधानी रखनी होगी। अन्यथा हानि होगी। 22 मार्च के पश्चात इनका समय शुभ रहेगा। घरेलू मामलों में तनाव प्रकट होगा और संतान की तरफ से चिंताएं बढे़गी। कुछ लोगों को मकान या वाहन आदि की प्राप्ति संभव है। विद्यार्थी वर्ग इस समय सावधानी बरतें। जो लोग नये कार्यों से जुड़ना चाहते हैं। उनके लिए अच्छा समय है। शेयर मार्केट के कार्यों में लाभ होगा। नौकरी पेशा वालों के लिए अपने ऊपर के कर्मचारी से बहुत अच्छा सहयोग मिलेगा। कुछ लोगों को आकस्मिक धन लाभ के योग बनेंगे। धार्मिक कार्यों का आयोजन घर मे हो सकता है। इन दिनों आपको अनिद्रा की भी शिकायत हो सकती है। किसी मित्र का सहयोग आपको लाभ दिलायेगा। प्रेम के मामलें में अधिक अपेक्षा दुःखदायी साबित हो सकती है।
January 2012 to March 2012 मीन राशि के लोगों का धन भाव का स्वामी मंगल है इस समय आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है और कठिन परिश्रम के बाद बहुत सा धन कमा लेंगे आप अवैध कार्यों के द्वारा भी धन अर्जित करेंगे आप कालाबाजारी, सट्टा या अन्य किसी संदिग्ध कार्य के माध्यम से भी धनार्जन कर सकते हैं इस अवधि के दौरान दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मतभेद उत्पन्न हो सकते हैं आप किसी मुसीबत में फंस सकते हैं आपको विश्वासघात करने के कारण सजा भी मिल सकती है।
तुला का शनि और आपकी राशि 15 नवंबर 2011 को शनि ने तुला राशि में प्रवेश कर लिया है। शनिदेव यहां, अगले ढाई साल तक विचरण करेंगे। आने वाले एक साल में आपकी राशि पर न्यायाधिपति शनि का क्या प्रभाव होगा, क्या करें, जिससे आप आने वाली परेशानियों से बचें : पेश है तुला के शनि का मीन राशि पर प्रभाव :
मीन राशि : 15 नवंबर 2011 से शनि तुला राशि में विचरण करेगा और 8 फरवरी 2012 तक आगे ही बढ़ता रहेगा। इस दौरान शनि गोचर में आपकी राशि से अच्छा कोण नहीं बनाएगा। यह समय इंगित करता है कि अब आपको कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आपको कुछ अच्छे अवसर प्राप्त होंगे जो आपको अत्यधिक उत्साहित करेंगे।
मूर्तरूप से उनको क्रियान्वित करना आपको सहज प्रतीत होगा लेकिन वैसा होगा नहीं। यह स्थिति एक तरफ आपको प्रेरित करेगी और आप इन चुनौतियों को सामना करने के लिए तैयार हो जाएंगे। आपको सलाह दी जाती है अपने धन या एसेट्स का उपयोग बिना जांच-परख कर न करें और अपनी बुद्धिमत्ता का अधिकतम उपयोग करें।
8 फरवरी से 4 अगस्त के मध्य आपको काफी राहत प्राप्त होगी। आपकी कुछ योजनाएं और प्रोजेक्ट्स जो पहले काफी प्रयासों के बाद ठीक नहीं चल रहे थे अब वो गति पकड़ेंगे।
नई आशाएं जगेंगी और अपनी क्षमताओं पर विश्वास भी कायम होगा। कोई नई एसोसिएशन या पार्टनरशिप हो सकती है जो बहुत अच्छे परिणाम देगी। प्रोफेशनल्स, कॉर्पोरेट इच्छानुकूल परिणाम प्राप्त करने में सफल रहेंगे।
जो लोग परीक्षा, प्रतियोगिता में सम्मिलित हो रहे हैं उन्हें मनोकूल परिणाम प्राप्त होंगे। अविवाहित हैं तो विवाह होने की भी पूर्ण संभावना है। मित्र-शुभचिंतकों का पूर्ण सहयोग बना रहेगा। आपको बहुत सी यात्राएं करना पड़ेंगी जो लाभदायक सिद्ध होंगी। सामाजिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
4 अगस्त 2012 को शनि वापिस तुला राशि में आ जाएगा और फिर वर्षपर्यंत वहीं रहेगा। आपकी कुछ योजनाओं में आशानुकूल प्रगति होगी लेकिन कुछ जस की तस बनी रहेंगी। यह स्थिति निश्चित रूप से आपको कई बार चिंतित करेंगी। कभी-कभी आप यह सोचकर हैरान हो जाएंगे कि मैंने गलती कहां की है और जिसका उत्तर भी आपको आसानी से प्राप्त नहीं होगा।
कभी-कभी जीवन में ऐसी स्थितियां भी पैदा हो जाती हैं कि अलाभकारी कार्यों को बंद कर, फलदायी योजनाओं पर ही ध्यान केंद्रित करने में भलाई है। आपके कुछ विश्वासपात्र मित्र और शुभचिंतक बिना स्वार्थ भाव के समय-समय पर आपको अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करते रहेंगे। यात्रा करने के बहुत से अवसर आएंगे।
मीन राशि वालों के लिए शनि का गोचरीय भ्रमण अष्टम भाव से एकादशेश व द्वादशेश होने से आय के मामलों में कठिनाई आएगी, लेकिन आवश्यक पूर्ति भी होगी। बाहरी मामलों में सहयोग रहेगा। धन कुटुंब में खर्च होगा। सम्मान भी बढ़ेगा। स्वविवेक का इस्तेमाल लाभदायक रहेगा।
क्या करें जब तुला के शनि का असर कम करना हो
शनि के अशुभ प्रभाव होने पर कोई भी किसी भी राशि वाले जातक सरसों या काले तिल का तेल एक चम्मच जमीन पर गिराएं।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
काला सुरमा अपने सिर से पैर की और नौ बार उतार कर जमीन में गाढ़ देने से अशुभ प्रभाव में कमी आएगी।
नीलम सोच-समझ कर ही पहनें।