Tuesday, January 25, 2011

सप्तम स्थान विवाह और जीवनसाथी


विवाह भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण संस्कार है। कहते हैं कि जोड़ियां संयोग से बनती हैं जो कि परमात्मा द्वारा पहले से ही तय होती हैं। यह भी सत्य है कि अच्छी पत्नी व अच्छी  सन्तान भाग्य से ही मिलती है। पूर्वजन्म के कर्मों के अनुसार ही जीवन साथी मिलता है, यदि सुकर्म अधिक हैं तो वैवाहिक जीवन सुखमय और कुकर्म अधिक हैं तो वैवाहिक जीवन दुखमय होता है। 
जन्मकुंडली में विवाह का विचार सातवें भाव से होता है। इस भाव से पति एवं पत्नी, काम (भोग विलास), विवाह से पूर्व एवं पश्चात यौन संबंध, साझेदारी आदि का विचार मुख्य रूप से किया जाता है। 
         फलित ज्योतिष में योग की महत्ता
सप्तम यानी केन्द्र स्थान विवाह और जीवनसाथी का घर होता है. इस घर पर अशुभ ग्रहों का प्रभाव होने पर या तो विवाह विलम्ब से होता है या फिर विवाह के पश्चात वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य की कमी रहती है.
जिनकी कुण्डली में ग्रह स्थिति कमज़ोर हो और मंगल एवं शुक्र एक साथ बैठे हों उनके वैवाहिक जीवन में अशांति और परेशानी बनी रहती है. ग्रहों के इस योग के कारण पति पत्नी में अनबन रहती है.
शनि और राहु का सप्तम भाव होना भी वैवाहिक जीवन के लिए शुभ नहीं माना जाता है क्योंकि दोनों ही पाप ग्रह दूसरे विवाह की संभावना पैदा करते हैं.
राहु, सूर्य, शनि व द्वादशेश पृथकतावादी ग्रह हैं, जो सप्तम (दाम्पत्य) और द्वितीय (कुटुंब) भावों पर विपरीत प्रभाव डालकर वैवाहिक जीवन को नारकीय बना देते हैं। दृष्टि या युति संबंध से जितना ही विपरीत या शुभ प्रभाव होगा उसी के अनुरूप वैवाहिक जीवन सुखमय या दुखमय होगा।
राहु की दशा में शादी हो,या राहु सप्तम को पीडित कर रहा हो,तो शादी होकर टूट जाती है,यह सब दिमागी भ्रम के कारण होता है।
चन्द्रमा मन का कारक है,और वह जब बलवान होकर सप्तम भाव या सप्तमेश से सम्बन्ध रखता हो तो चौबीसवें साल तक विवाह करवा ही देता है।
अष्टकूट मिलान(वर्ण, वश्य, तारा, योनि, ग्रह मैत्री, गण, भकूट और नाड़ी) आवश्यक है और ठीक न हो तो भी वैचारिक मतभेद रहता है। 
जब सप्तमेश एकादश भाव में उपस्थित हो तो जातक की पत्नी रूपवती, संस्कारयुक्त, मृदुभाषी व सुंदर होती है तथा विवाह के पश्चात जातक की आर्थिक आय में वृद्धि होती है या पत्नी के माध्यम से भी उसे आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं।
जिस कन्या की जन्मकुंडली के लग्न में चन्द्र, बुध, गुरु या शुक्र उपस्थित होता है, उसे धनवान पति प्राप्त होता है।

Monday, January 3, 2011

सिंह राशि

       सिंह राशि,   भविष्यफल 2011    (मा, मी, मू, मो, टा, टी, टू, टे)
साल 2011 करियर के मामले में आपको ऐसे सकारात्मक परिणाम मिलेंगे, जिनके बारे में आपने सोचा भी नहीं होगा। जनवरी प्रथम सप्ताह से मंगल का प्रभाव आपके कार्य में व्यवधान खड़ा करेगा। परंतु धैर्य से काम लें। सफलता हासिल होगी। इस साल आपकी राशि के दूसरे स्थान  पर शनि और सातवें स्थान  पर वृहस्पति  ज्यादा समय के लिए बना रहेगा, लिहाजा धन और संबंधों के मामले में यह साल काफी सुखद रहेगा। चौथे और दसवें स्थान  पर रहने वाले राहु एवं केतु करियर के लिए अच्छे हैं। व्यापार-व्यवसाय में कोई भी अनुबंध सोच-समझ कर करें। फरवरी अंत से शुक्र आपके कोर्ट संबंधित केस लंबे समय तक चलेंगे। लीवर से संबंधित तकलीफ हो सकती है। शत्रुओं से सावधान रहें। बृहस्पति का अष्टम भाव में होना कार्यों में सफलता के मार्ग में व्यवधान उत्पन्न कर सकता है, जो कि मई अंत तक असर रहेगा। अपने विवेक से कार्य लें। मार्च अंत से शुक्र एवं मार्च मध्य से सूर्य का भी प्रभाव अड़चनें पैदा करेगा। गुरु एवं इष्ट की सेवा से सफलता प्राप्त होगी। मई में अधिकारी वर्ग को प्रसन्न रखने का पूर्ण प्रयास करें। जून अंत तक सफलता पूर्ण रूप से मिलेगी। जुलाई अंतिम सप्ताह से फिजूलखर्च बढ़ेगा। ऐसी कोई घटना घटेगी जिसका आपको कभी अंदाजा भी नहीं होगा। परेशानी आ सकती है। सितंबर में अपने पर कंट्रोल रखना पड़ेगा। क्रोध में नुकसान हो सकता है। अक्टूबर से नवंबर का समय संतोषजनक रहेगा। दिसंबर में अपने वालों के सहयोग से कार्य पूर्ण होंगे। 
शुभ अंक : 1, 4, 9
भाग्यशाली माह :- जनवरी, अगस्त, दिसंबर।
शुभ रंग : नारंगी, सुनहरा, लाल
शुभ दिन : मंगलवार और बुधवार
शुभ रत्न  : रूबी
       कन्या  (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कन्या राशि वालों का स्वामी ग्रह बुध है, जिसे हम संचार और व्यापार का ईश्वर मानते हैं।  व्यापार जगत के लिए कन्या राशि को चुंबक के समान माना जाता है, यानी इस राशि वालों की रुचि नौकरी से ज्यादा व्यापार में होती है।
कन्या राशि वाले जातकों के लिए यह माह मध्यम रहेगा। जनवरी सामान्य रहेगा। जनवरी-फरवरी में यानी साल की शुरुआत तो काफी अच्छी होगी, लेकिन 24 जनवरी के बाद स्थितियां थोड़ी सी विपरीत हो सकती हैं। परिवार में झगड़ा हो सकता है, स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और बच्चों को लेकर आप तनाव बढ़ सकता है। यही नहीं काम का बोझ भी बढ़ेगा। इस दौरान नए अवसरों के पीछे भागना भी व्यर्थ होगा। नए प्रोजेक्ट लेने से भी खास लाभ मिलने वाला नहीं है। इन दो महीनों में हर प्रकार के झगड़ों से बचें।
राहु के प्रभाव से साल के पहले चार महीने में परेशानियां आपके साथ बनी रहेंगी। लेकिन उसके बाद धीरे-धीरे स्थितियां सामान्य हो जाएंगी। व्यापारी वर्ग को लाभ मिलेगा। विशेषकर वस्त्र, जूट, प्लास्टिक व लोहा व्यापारी लाभान्वित होंगे। फरवरी से मई अंत तक का समय व्यापार में सफलता वाला रहेगा। नौकरी वालों के लिए पदोन्नति वाला रहेगा।  लापरवाही नुकसान दे सकती है। जून से अगस्त के बीच आपका संपर्क किसी विशिष्ठ व्यक्ति से होगा, जो कि आगे तक सफलता दिलाएगा। अगस्त मध्य से सितंबर मध्य तक का समय अपने को सुधारने का है। अपने व्यवहार एवं श्रम पूर्ण सफलता दिलाएगा। अक्टूबर में मंगल का प्रभाव फिजूल खर्च करा सकता है। पूर्ण विवेक से कार्य करें, सफलता मिलेगी। अक्टूबर मध्य से नवंबर मध्य तक का समय सफलता वाला रहेगा। दिसंबर में उन्नति के मार्ग खुलेंगे।
शुभ अंक- 3,6 और 7
भाग्यशाली माह :- जनवरी, जुलाई, अगस्त।
शुभ रंग- हरा, आसमानी, सफेद और पीला
शुभ दिन- बुधवार
शुभ रत्न- पन्ना
          तुला - (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
तुला राशि वालों का स्वामी ग्रह शुक्र है। स्वामी  ग्रह के विशेष प्रभाव के कारण साल 2011 आपके लिए समृद्धि एवं भौतिक लाभ लेकर आएगा। बुध ग्रह की दृष्टि हमेशा आप पर बनी रहने के कारण आपके अंदर मेष राशि वाले लोगों के जैसे गुण दिखाई देते हैं, लेकिन फिर भी आपका व्यवहार  हमेशा सबसे अलग होता है। तुला राशि वाले तेज से परिपूर्ण, शिष्टता से भरे और बेहतरीन व्यवहार  वाले होते हैं। 
तमाम बड़ी चुनौतियों के बीच 2011 में आपके लिए नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। काम का बोझ तेजी से बढ़ेगा, यदि आप गतिशील और सक्रिय बने रहे, तो जीवन में आने वाली परेशानियां खुद ब खुद हल होती जाएंगी। जीवन में नए द्वार खोलने के लिए अभी से तैयार हो जाएं।
जनवरी में मंगल कार्यों को प्रभावित करेगा एवं परिणाम में विफलता ला सकता है।  प्रति रोज किए गए कार्यों को ध्यान से करना पड़ेगा। मार्च (प्रति दिन) का महीना मिश्रित फल वाला रहेगा। मई तक का समय मध्यम रहते हुए अंत में अच्छी सफलता अर्जित कराएगा। सामाजिक कार्यों में सफलता मिलेगी। राजनैतिक कार्य होंगे। अक्टूबर माह में प्रत्येक कार्य में यश, प्रतिष्ठा दिलाने वाला रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा के साथ धार्मिक प्रतिष्ठा भी मिलेगी। अक्टूबर से नवंबर अंत का समय भौतिक सुख-सुविधा दिलाने वाला रहेगा। नवंबर में जब शनि आपकी राशि के पहले स्थान में प्रवेश करेगा तब स्थितियों में बदलाव आएगा और एक बार फिर अच्छा समय शुरू होगा, जिसमें  भाग्योदय के साथ तेजी से ऊपर उठने की संभावना है। पारिवारिक मामलों में चुनौतियां बरकरार रहेंगी। दिसंबर के समय में इष्ट देवता को प्रसन्न करें, सफलता मिलेगी।
शुभ अंक : 2, 7, 1
भाग्यशाली माह :- मार्च, जनवरी, अक्टूबर।
शुभ रंग : नारंगी, ग्रेऔर सफेद
शुभ दिन : रविवार और सोमवार
शुभ रतन : हीरा
  वृश्चिक - (ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
इस साल वृश्चिक राशि पर बुध का प्रभाव भी रहेगा। दोनों मिलकर सफलता की सीढि़यां बनाएंगे। यह साल आपके लिए काफी सकारात्मक  फल लेकर आएगा। हालांकि साल के बीच में बड़े झटके भी मिल सकते हैं।
वृश्चिक राशि वाले जातकों के लिए यह माह भ्रमण वाला रहेगा। जनवरी माह से फरवरी मध्य का समय विशेष लाभकारी रहेगा। फरवरी मध्य से मार्च मध्य का समय मानसिक क्लेश कारक हो सकता है। शेयर बाजार या वायदा बाजार से संबंधित कार्य करने वालों को इस अवधि में सोचकर कार्य करना चाहिए वरना हानि उठाना पड़ेगी। विदेश से पूँजी कमाने का अवसर भी मिलेगा। अप्रैल से मई तक का समय अपने पराक्रम को बढ़ाने वाला एवं अच्छी सफलता वाला रहेगा। अप्रैल तक आपके घर में ढेर सारी खुशियां आएंगी, मई में कार्य क्षेत्र में बड़े परिवर्तन दिखेंगे और उसके बाद सभी कुछ सामान्य चलेगा।  जून मध्य से मंगल का प्रभाव निर्माण कार्य में विलंब करा सकता है। राजनैतिक कार्य में सफलता मिलेगी। जून मध्य से अगस्त अंत का समय बनते कार्यों को बिगाड़ सकता है। अपयश दिला सकता है। सितंबर मध्य से बुध आर्थिक दृढ़ता प्रदान करेगा। अक्टूबर भवन निर्माण लाभ वाला रहेगा। नवंबर एवं दिसंबर का माह अनावश्यक खर्च मानसिक कष्ट दे सकता है।
शुभ अंक : 3, 9 और 4
भाग्यशाली माह :- फरवरी, सितंबर, दिसंबर।
शुभ रंग: पीला, लाल और नारंगी
शुभ दिन : मंगलवार और गुरुवार
क्रमश:-------

Friday, December 31, 2010

वर्ष 2011 और आपकी राशि

मेष- मेष राशिवाले जातकों के लिए यह वर्ष प्रगति सूचक रहेगा। 1 जनवरी से शुक्र अष्टम भाव में परिभ्रमण कर रहा है। अत: राजनैतिक प्रभाव प्रभावित होगा। अन्य कार्यों में भी उन्नति होगी। परंतु कुछ अड़चनें उत्पन्न होंगी। जनवरी द्वितीय सप्ताह के प्रारंभ में मंगल का परिभ्रमण राजयोग में बाधित कर सकता है। परंतु जनवरी अंत में शुक्र के परिभ्रमण राज्य भाव में आने से सफलता प्राप्त कराएगा। जनवरी अंत से अप्रैल अंत तक का समय नौकरी वालों के लिए पदोन्नति वाला रहेगा। मई प्रारंभ से मंगल की स्थिति एवं गुरु का परिभ्रमण विवादित मामलों को पूर्ण रूप से एवं संतोष जनक तरीके से निपटाने में सक्षम रहेगा। जून भी उन्नति वाला रहेगा। जून से जुलाई अंत तक का समय भौतिक सुख साधन में वृद्धि वाला रहेगा। तत्पश्चात अगस्त मध्य तक सोचकर निर्णय लें। बिना सोचे निर्णय हानिकारक हो सकते है। अगस्त मध्य से अक्टूबर तक का समय सहयोग वाला रहेगा। अक्टूबर से दिसंबर तक का समय प्रगति वाला रहेगा।
इस वर्ष स्वास्थ्य बेहतरी के संकेत दे रहा है। उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि रहेगी। किन्तु तामसिक आहारों के प्रयोग व छोटी-छोटी बातों में उलझने से बचें। प्रतियोगी क्षेत्रों में सफलता का परचम लहरा उठेगा। कारोबार व व्यापार के मामले में पूरे दमखम के साथ आगे बढ़ेंगे। पारिवारिक जीवन में मतभेदों को हल करने की पुरजोर कोशिश रहेगी। मातृ व पितृ पक्ष आपके अच्छे और उत्साही प्रयासों से खुश रहेंगे। प्रेम संदर्भों में वस्त्राभूषणों की खरीद को अंतिम रूप दे सकते हैं। वर्ष के चतुर्थ भाग में रिश्तों में नया मोड़ आ सकता है जिससे तनाव व परेशानियों का ग्राफ बढ़ सकता है। अनावश्यक बातों से दूरी बनाकर चलना हितकर रहेगा।
शुभ अंक - 9, 8 और 6
शुभ रंग - नीला, नीला-हरा- चॉकलेटी।
शुभ दिन- शुक्रवार, मंगलवार और शनिवार
भाग्यशाली माह :- जनवरी, मार्च, नवंबर, दिसंबर।
वृषभ- साल 2011 आपको कुछ नया करने के संकेत दे रहा है। यह साल आपसे कह रहा है कि आप जिस बंधे-बंधाये रास्ते पर चल रहे हैं उसे बदलने की जरूरत है, भले ही वो कितना कठिन ही क्यों न साबित हो। काम और प्यार दोनों स्थानों पर बदलाव आने के संकेत हैं, इसलिये आपको संयम रखने और खुद को शांत बनाये रखने की जरूरत है। याद रखिये मेहनत करने से कभी किसी का कोई नुकसान नहीं होता।
वृषभ राशि वाले जातकों को लिए नया वर्ष पद प्रतिष्ठा दिलाने वाला रहेगा। जनवरी प्रारंभ में हल्की-फुल्की रुकावट आ सकती है। जनवरी मध्य से जनवरी अंत तक का समय पुराने संबंधों के सहयोग से लाभ दिलाने वाला रहेगा। साथ ही किसी से व्यापार संबंधी प्रतिबंध लाभदायक होगा। फरवरी प्रारंभ से अंत तक का समय अधिक व्यस्तता में कटेगा एवं मिला-जुला भी होगा। फरवरी से मई अंत तक राजनैतिक पद में महत्वपूर्ण पद प्राप्ति वाला, परिवार में पद-प्रतिष्ठा, सुख-सुविधा एवं विद्यार्थी वर्ग के लिए प्रतियोगिता में सफल‍ता प्राप्ति वाला रहेगा। कृषक को उच्च लाभ मिलेगा। मई से जून अंत के समय में स्थायी संपत्ति पर खर्च होगा। जून अंत से अगस्त मध्य के समयावधि में नौकरी वालों की पदोन्नति होने के प्रबल योग है। अगस्त मध्य से सितंबर मध्य तक का समय मानसिक परेशानी वाला हो सकता है। यह ऐसा समय रहेगा, जिसमें अपने-पराए की पहचान हो जाएगी। मित्रों से पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा। सितंबर मध्य से अक्टूबर अंत तक का समय पुराने घर का उद्धार एवं यात्रा पर खर्च होगा। अक्टूबर अंत से नवंबर अंत का समय पद-प्रतिष्ठा वाला रहेगा। दिसंबर माह कई मामलों में सामान्य रहेगा।
शुभ अंक : 1,8और 9
शुभ रंग : लोटस पिंक, हरा।
शुभ दिन : शुक्रवार
शुभ रत्न : हीरा
भाग्यशाली माह :- जनवरी, मई, अक्टूबर।
मिथुन- साल 2011 आपके लिये एक बदलाव का संकेत लेकर आया है। इस साल आपको निजी तरक्की और बढ़ोत्तरी मिलेगी। ग्रह बता रहे हैं कि आप स्वतंत्र और स्वच्छंद व्यवहार की ओर अग्रसर होंगे। वे लोग जो लीक से हटकर सोचने की हिम्मत करेंगे उनके लिये ये संकेत मददगार साबित होंगे।
मिथुन राशि के जातकों के व्यवहार में आमतौर पर दोहरापन देखा जाता है। उनके व्यवहार     में जटिलता और विरोधाभास देखा जाता है। उनके व्यवहार के बारे में अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। कभी ये पुण्यात्मा प्रतीत होते हैं और कभी इनके व्यवहार  के दोष सामने आ जाते हैं। इस राशि के जातकों का संबंध बुध ग्रह से होता है, जो बचपन और किशोरावस्था का प्रतीक है। इसी कारण में जवानी की मनोहरता के साथ-साथ उसकी कुछ खामियां भी होती हैं। जब वे अच्छे  होते हैं तो वे बहुत अच्छे  होते हैं और जब ये बुरे होते हैं तो बेहद बुरे होते हैं। बच्चों  की ही तरह जब परिस्थितियां इनके पक्ष में हों तो ये बेहद खुश रहते हैं, लेकिन इसके साथ ही इनमें कुछ खामियां भी होती हैं- जैसे, हमेशा किसी नयी चीज की चाह, एक काम से दूसरे काम पर शिफ्ट होते रहना ठीक उसी तरह से जैस तितली एक फूल से दूसरे फूल पर जाती है। इनके लिये जीवन एक ऐसा खेल है, जिसमें लगातार कुछ नया और मजेदार होते रहना चाहिये। वे लकीर के फ़कीर बनकर जीना पसंद नहीं करते। उनके विचार किसी भी समय बदल सकते हैं। निर्णय लेना और उस निर्णय पर टिके रहना इनके लिये एक बेहद मुश्किल काम है।
मिथुन राशि वालों के लिए यह वर्ष मिश्रित असर वाला रहेगा। जनवरी से फरवरी अंत का समय मंगल एवं सूर्य के प्रभाव के कारण स्वास्थ्य में परेशानी वाला रह सकता है। यह समय खास तौर पर अपने इष्ट की‍भक्ति एवं चिंतन में लगाएँ। फरवरी अंत से शुक्र अष्‍टम भाव में रहने से कोर्ट-कचहरी के मामलों में अड़चन आ सकती है। अत: ऐसे में लंबी तारीख करवाने से लाभान्वित होंगे। शेयर मार्केट एवं विदेश से व्यापार करने वाले व्यापारी पूर्ण सावधानी से कार्य करें। मार्च अंत से शुक्र की स्थिति बदलने से उन्नति होगी। बृहस्पति का राज्य भाव में रहने से सम्मानजनक पद प्रतिष्ठा होगी। इसी के साथ रूका हुआ पैसा भी प्राप्त होगा। रुकी हुई संपत्ति का निर्णय आपके पक्ष में होगा। जून अंत से अगस्त मध्य में स्थायी संपत्ति प्राप्त करने के योग बन रहे हैं। सितंबर से अक्टूबर का समय मानसिक उलझनें दे सकता है। धैर्य से काम लें। अक्टूबर से नवंबर अंत तक सामान्य प्रक्रिया रहेगी। दिसंबर का पूरा महीना सहयोग प्रदान करने वाला रहेगा।
भाग्यशाली माह :- मार्च, अगस्त, अक्टूबर।
शुभ अंक: 3 ,7 और 5
शुभ रंग: पीला, भूरा और हरा
शुभ दिन:  बुधवार और गुरुवार
शुभ रत्न: पन्ना
कर्क- 2011 के दौरान आप पारिवारिक और व्यवसायिक परेशानियों से घिरे रह सकते हैं। साथ ही अगर आप समझदारी और सूझबूझ से काम लें तो आपकी इस समस्या का रास्ता भी आपको मिल सकता है।
कर्क राशि में काफी विविधता पायी जाती है - डरपोक, शर्मीले और आसानी से हार मानने वालों से लेकर सबसे ज्यादा प्रतिभाशाली तक होते हैं। यह मूल रूप से पुराने विचारों के और अपने परिवार के प्रति उत्तरदायी स्वभाव के होते हैं। इस राशि के पुरुष अपने आसपास सुरक्षा का तानाबाना बुनना पसंद करते हैं, जिसमें वे तनाव को छोड़कर आराम फरमा सकें वहीं महिलायें अपनी भौतिक वस्तुओं का आनंद उठा सकें।
कर्क राशिवाले जातकों के लिए आनेवाला वर्ष उत्तम रहेगा। जनवरी में संतोष जनक सुधार आएगा। यह परिवर्तन करा सकता है, जो शुभ होगा। जनवरी के बाद शुक्र की स्थिति स्वास्थ्य संबंधित तकलीफ दे सकती है। राजनैतिक लोगों को कार्य में परेशानी आ सकती है। गुरु का आपकी राशि से नवम भाव में होने से आपकी राशि में नवपंचम योग बनता है, जिससे पूरे वर्ष हर तरफ प्रगति करने में सक्षम रहेंगे। शनि भी आपको प्रगति कार्य में सहयोग प्रदान करेगा। मध्य फरवरी से मंगल की स्थिति अनायस व्यवधान उपस्थित करेगी, अत: अपने पूर्ण कार्य व्यवस्थित सुचारू रूप से होंगे अत: सावधानीपूर्वक कार्य करें। मार्च अंत से मंगल भी अष्‍टम में आएगा जो अप्रैल मध्य तक चलेगा। यह समय भी पूर्ण संतोष जनक रहेगा। सूर्य आपको सहायता प्रदान करेगा। यश दिलाएगा। साथ ही विदेश से कमाई भी कराएगा। मई प्रथम सप्ताह से शुक्र एवं मध्य से मंगल पूर्ण सफलता दिलाएँगे। रुके हुए कार्य पूर्ण होंगे। मंगल से संबंधित कार्य पूर्ण होंगे। मेडिसीन एवं कृषि दवा व्यवसायी अधिक लाभान्वित होंगे। जून अंतिम सप्ताह में सजावट तथवा निर्माण कार्य पर खर्च होगा। जुलाई अंतिम सप्ताह क्रोध नुकसान करा सकता है।
भाग्यशाली माह :- जनवरी, मई, अगस्त।
भाग्यशाली अंक 2, भाग्यशाली रंग ।
शुभ अंक - 2, 7, 9
शुभ दिन - रविवार, सोमवार
शुभ रंग - सफेद, क्रीम, लाल, लेमन और पीला
शुभ रत्न - मोती